पेपर लीक पर सुप्रीम कोर्ट सख्त: एनटीए दफ्तर जाकर खुद जांच करेंगे जज
नई दिल्ली: नीट (NEET) पेपर लीक मामले के बाद से सुप्रीम कोर्ट बहुत सख्त हो गया है। इसके बाद से नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) में एक के बाद एक कई बड़े बदलाव किए जा रहे हैं।
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, अब परीक्षाओं को पूरी तरह सुरक्षित बनाने के लिए एक ऐसा सिस्टम तैयार किया जा रहा है जिससे पेपर लीक करना नामुमकिन हो जाए, और इस पूरे नए इंतजाम की देखरेख खुद सुप्रीम कोर्ट कर रहा है।
सुप्रीम कोर्ट ने एक स्थायी सिस्टम बनाने पर जोर दिया है. सुप्रीम कोर्ट के जज अब खुद NTA दफ्तर जाएंगे और खुद सुधार प्रक्रिया की निगरानी करेंगे।
NTA अंडरग्रेजुएट मेडिकल कोर्स में एडमिशन के लिए NEET-UG कराता है और बार-बार पेपर लीक होने की वजह से आलोचनाओं का सामना कर रहा है।
NTA ने जस्टिस पीएस नरसिम्हा और आलोक अराधे की बेंच को बताया कि उसने सिस्टम को फुलप्रूफ बनाने के लिए एडमिनिस्ट्रेटिव हायरार्की से लेकर इंफ्रास्ट्रक्चर तक अपने पूरे सिस्टम में बदलाव किया है।
सुप्रीम कोर्ट की सख्त टिप्पणी
सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस नरसिम्हा ने कहा कि वे और जस्टिस अराधे एनटीए (NTA) के दिल्ली स्थित दफ्तर जाकर अपग्रेड किए गए नए सिस्टम की खुद जांच करेंगे।
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उन्होंने सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता से साफ कहा कि बार-बार होने वाले पेपर लीक को रोकने के लिए सिर्फ अस्थायी उपाय काफी नहीं हैं, बल्कि पूरे सिस्टम को स्थायी और संस्थागत रूप से मजबूत करना होगा।
केंद्र सरकार ने कहा था कि पार्लियामेंट ने पब्लिक एग्जामिनेशन (अनफेयर मीन्स की रोकथाम) अमेंडमेंट एक्ट, 2026 के जरिए एग्जामिनेशन फ्रॉड के खिलाफ लीगल फ्रेमवर्क को भी मजबूत किया है।
परीक्षा सुधार और कानून
ये 2024 के कानून पर आधारित है, जिसने क्वेश्चन पेपर लीक, नकल, कंप्यूटर सिस्टम से छेड़छाड़ और एग्जाम से जुड़े दूसरे अपराधों को क्रिमिनल बनाया है।
NEET-UG 2024 पेपर लीक के बाद शिक्षा मंत्रालय ने सात सदस्यों वाली राधाकृष्णन कमेटी बनाई थी ताकि एग्जामिनेशन प्रोसेस में सुधार, डेटा सिक्योरिटी प्रोटोकॉल में सुधार और NTA के स्ट्रक्चर और कामकाज पर सुझाव दिए जा सकें।
छात्रों के भारी विरोध के बाद केंद्र सरकार ने इस साल जुलाई में इंफोसिस के को-फाउंडर नंदन नीलेकणि की अगुवाई में एक हाई-पावर्ड टास्क फोर्स का गठन किया। इसका मुख्य उद्देश्य परीक्षाओं को सुरक्षित बनाने के लिए मजबूत रणनीतियों का सुझाव देना है।
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