कांग्रेस छोड़कर गए नेताओं की पार्टी में वापसी के सवाल पर क्या बोले जयराम रमेश

कांग्रेस छोड़कर गए नेताओं की पार्टी में वापसी के सवाल पर क्या बोले जयराम रमेश

जयराम रमेश ने दलबदलू नेताओं की री-एंट्री का पुरजोर विरोध करते हुए कहा कि ऐसे लोगों को दोबारा शामिल करना संगठन के वफादार कार्यकर्ताओं के साथ अन्याय होगा

नई दिल्ली। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और महासचिव जयराम रमेश (Jairam Ramesh) ने पार्टी छोड़कर भारतीय जनता पार्टी (BJP) का दामन थामने वाले नेताओं को लेकर बेहद सख्त रुख अपनाया है।

न्यूज एजेंसी ‘पीटीआई’ को दिए एक विशेष इंटरव्यू में उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि जिन नेताओं ने कांग्रेस में रहते हुए संगठन और सत्ता के तमाम सुख भोगे और संकट के समय धोखा देकर चले गए, उनकी घर-वापसी के बारे में सोचना भी शर्मनाक होगा।

विशेष रूप से ज्योतिरादित्य सिंधिया, जितिन प्रसाद और मिलिंद देवड़ा जैसे युवा नेताओं की तरफ इशारा करते हुए जयराम रमेश ने कहा कि ऐसे अवसरवादी चेहरों के लिए कांग्रेस के दरवाजे हमेशा के लिए बंद हो जाने चाहिए।

“पदों का मलाई खाने वाले युवाओं ने दिया धोखा”

इंटरव्यू के दौरान जब जयराम रमेश से सीधा सवाल पूछा गया कि यदि भविष्य में कांग्रेस छोड़कर गए ये बड़े युवा नेता वापस आना चाहें, तो पार्टी का क्या रुख होना चाहिए? इस पर उन्होंने कहा, “मैं किसी व्यक्ति विशेष का नाम नहीं लेना चाहता, लेकिन जो लोग सत्ता और संगठन में विभिन्न महत्वपूर्ण पदों पर रहे, जिन्होंने तमाम विशेषाधिकारों और मलाई का आनंद लिया, उनका संकट के समय पार्टी छोड़ना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। खासकर उन युवा नेताओं ने ऐसा किया जिन्हें पार्टी ने बहुत कुछ दिया। उन्होंने एक ऐसी पार्टी (BJP) का दामन थाम लिया जिसकी विचारधारा कांग्रेस के बिल्कुल विपरीत है।”

“वापसी के बारे में सोचना भी शर्मनाक”

जयराम रमेश ने दलबदलू नेताओं की री-एंट्री का पुरजोर विरोध करते हुए कहा कि ऐसे लोगों को दोबारा शामिल करना संगठन के वफादार कार्यकर्ताओं के साथ अन्याय होगा।

उन्होंने कड़े शब्दों में कहा, “यह मेरी बिल्कुल स्पष्ट और निजी राय है कि जो लोग पार्टी को संकट में छोड़कर गए, उन्हें कभी भी वापस नहीं लिया जाना चाहिए। ऐसे लोगों को वापस लेने के बारे में विचार करना भी शर्मनाक होगा।”

उन्होंने कहा कि पिछले 12 सालों के संघर्ष ने यह साफ कर दिया है कि कौन लोग वास्तव में दृढ़ संकल्प वाले और वैचारिक रूप से कांग्रेस के प्रति प्रतिबद्ध हैं। आज जो लोग कांग्रेस में टिके हुए हैं, वे विचारधारा की लड़ाई लड़ रहे हैं, न कि सत्ता के लालच में हैं।

कांग्रेस ‘वेल-एस्टेब्लिश्ड कंपनी’, बीजेपी है ‘स्टार्टअप’

इससे पहले भी जयराम रमेश ने कांग्रेस की तुलना एक ऐसी पुरानी और स्थापित कंपनी से की थी जिसका ‘मार्केट कैप’ (बाजार पूंजीकरण) घटता-बढ़ता रहता है, लेकिन उसकी साख बनी रहती है। वहीं उन्होंने बीजेपी को एक ‘स्टार्टअप’ बताया था जो किसी भी राज्य में किसी को भी शामिल करने के लिए तैयार रहती है।

जयराम रमेश के इस तीखे बयान के बाद यह साफ हो गया है कि भले ही यह उनकी व्यक्तिगत राय हो, लेकिन कांग्रेस के भीतर का एक बड़ा धड़ा अब दलबदलुओं को दोबारा गले लगाने के सख्त खिलाफ है।


Discover more from

Subscribe to get the latest posts sent to your email.

Raja Zaid

"राजा ज़ैद एक जाने-माने पत्रकार हैं। उन्हें देश के प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों के साथ राजनीति और सामायिक विषयो की कवरेज का 15 वर्षो से अधिक का अनुभव है।