JPSC-JSSC आंदोलन: मंत्रियों से छात्रों की वार्ता बेनतीजा
झारखंड में परीक्षाओं में धांधली के खिलाफ आंदोलनकारी छात्र सरकार से बातचीत नाकाम होने पर अब 10 अगस्त को विधानसभा का घेराव करने जा रहे हैं
झारखंड: राजधानी रांची में सरकारी नौकरियों की परीक्षाओं (JPSC और JSSC) में धांधली और पेपर लीक के खिलाफ छात्रों का आंदोलन पिछले 15 दिनों से लगातार जारी है।
छात्र रांची के जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में धरने पर बैठे हैं और कुछ छात्र भूख हड़ताल भी कर रहे हैं।
राज्य सरकार और आंदोलनरत छात्रों के प्रतिनिधियों के बीच स्टेट गेस्ट हाउस में हुई करीब डेढ़ घंटे की वार्ता बिना किसी ठोस नतीजे के समाप्त हो गई।
वार्ता के प्रमुख पक्षों का रुख
राज्य सरकार के मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू और दीपिका पांडे सिंह ने वार्ता को सकारात्मक और सौहार्दपूर्ण बताया।
सरकार ने छात्रों से उनकी मांगों का लिखित ब्योरा और दस्तावेजी सबूत मांगे हैं, साथ ही आश्वासन दिया है कि इन मांगों को मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के समक्ष रखकर जल्द समाधान निकाला जाएगा।
इसके अलावा, भूख हड़ताल पर बैठे छात्रों के लिए एक विशेष चिकित्सा दल भेजने की बात भी कही गई है।
छात्र प्रतिनिधियों ने स्पष्ट किया कि हालांकि मंत्रियों ने उनकी बातें ध्यान से सुनीं, लेकिन समाधान के लिए कोई ठोस आश्वासन या निश्चित समय-सीमा नहीं दी गई है।
इसलिए, 10 अगस्त को प्रस्तावित विधानसभा घेराव का कार्यक्रम अपने तय समय पर हर हाल में होगा और जब तक मांगें पूरी नहीं होतीं, आंदोलन जारी रहेगा।
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प्रमुख मांगें
14वीं जेपीएससी परीक्षा को रद्द किया जाए।
परीक्षाओं में हुई अनियमितताओं की सीबीआई जांच या राज्य के बाहर के सेवानिवृत्त उच्च न्यायालय के न्यायाधीशों के पैनल से स्वतंत्र जांच कराई जाए।
आंदोलन के दौरान सियासत और विवाद
विधानसभा मार्च के दौरान आइसा (AISA) की राष्ट्रीय अध्यक्ष नेहा बोरा को छात्रों ने मंच से उतार दिया और उन पर स्याही फेंक दी गई।
छात्रों का कहना था कि यह विशुद्ध रूप से अभ्यर्थियों का आंदोलन है और इसमें किसी भी राजनीतिक दल का एजेंडा स्वीकार नहीं किया जाएगा। पुलिस ने आरोपी युवक को हिरासत में ले लिया है।
एबीवीपी (ABVP) ने इस घटना को पूर्व नियोजित करार देते हुए आइसा पर छात्र विरोध प्रदर्शन का राजनीतिकरण करने और ‘शहरी नक्सलवाद’ को बढ़ावा देने का आरोप लगाया।
गोड्डा से भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने इस मामले को संसद में उठाने और सीबीआई जांच की मांग करने की बात कही।
वहीं, सांसद धर्मशिला गुप्ता ने विपक्षी दलों पर छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने का आरोप लगाया।
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