केजरीवाल बोले, “Gen-Z बांग्लादेश, नेपाल में सरकार बदल सकते हैं तो क्या भारत के युवा …….”
नई दिल्ली। दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री और आम आदमी पार्टी (AAP) के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने बुधवार को नीट-यूजी (NEET-UG) परीक्षा रद्द होने और पेपर लीक के मुद्दे पर केंद्र सरकार और व्यवस्था पर तीखा हमला बोला है।
एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में केजरीवाल ने देश की युवा पीढ़ी, विशेषकर Gen-Z (जेन-जी) का आह्वान करते हुए कहा कि यदि पड़ोसी देशों जैसे बांग्लादेश और नेपाल में युवा अपनी ताकत से सरकारें बदल सकते हैं और व्यवस्था में बड़ा बदलाव ला सकते हैं, तो भारत का युवा नीट के अपराधियों को जेल भेजने के लिए मजबूर क्यों नहीं कर सकता?
उन्होंने कहा कि यह लड़ाई केवल एक परीक्षा की नहीं, बल्कि देश के करोड़ों युवाओं के भविष्य और उनके सपनों की अखंडता की है।
अरविंद केजरीवाल ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में तल्ख लहजे में कहा कि पिछले कुछ वर्षों में नीट का पेपर एक-दो बार नहीं बल्कि चौथी बार लीक हुआ है, जो यह साबित करता है कि यह केवल एक प्रशासनिक विफलता नहीं बल्कि गहरे राजनीतिक संरक्षण और मिलीभगत का मामला है।
उन्होंने सवाल उठाया कि जो सरकार एक राष्ट्रीय स्तर की परीक्षा बिना लीक कराए निष्पक्ष तरीके से आयोजित नहीं कर सकती, उसे सत्ता में बने रहने का क्या हक है?
केजरीवाल ने कहा कि करोड़ों बच्चे सालों तक एक कमरे में बंद होकर तपस्या की तरह तैयारी करते हैं, लेकिन अंत में उन्हें पता चलता है कि पेपर पहले ही बिक चुका था। यह उन बच्चों और उनके माता-पिता के साथ सबसे बड़ा धोखा है।
इसे भी पढ़ें: लाल किला कार ब्लास्ट: NIA की चार्जशीट पर कोर्ट का बड़ा फैसला, 14 आरोपी 9 सितंबर को सुनवाई
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान केजरीवाल ने पड़ोसी देशों के हालिया उदाहरणों का जिक्र करते हुए कहा कि वहां के युवाओं ने दिखाया है कि जब पानी सिर से ऊपर चला जाता है, तो छात्र शक्ति क्या कर सकती है।
उन्होंने कहा कि “मैं भारत के युवाओं और जेन-जी से पूछना चाहता हूं—क्या हम इतने लाचार हैं? अगर बांग्लादेश और नेपाल में छात्र बदलाव ला सकते हैं, तो क्या भारत के छात्र एकजुट होकर इन पेपर लीक माफियाओं और उनके आकाओं को सलाखों के पीछे नहीं पहुंचा सकते?”
उन्होंने जोर देकर कहा कि यह सरकार केवल ‘जन आंदोलन’ की भाषा समझती है और अब छात्रों को अपने हक के लिए शांतिपूर्ण तरीके से सड़कों पर उतरना होगा।
केजरीवाल ने इस मामले की सीबीआई (CBI) जांच पर भी संदेह जताते हुए कहा कि अतीत में ऐसी कई जांचों का कोई ठोस नतीजा नहीं निकला है। उन्होंने आरोप लगाया कि पेपर लीक के पीछे अक्सर सत्तारूढ़ दल से जुड़े प्रभावशाली लोग होते हैं, जिन्हें बचाने की कोशिश की जाती है।
आम आदमी पार्टी के संयोजक ने आश्वासन दिया कि उनकी पार्टी इस संघर्ष में पूरी तरह से छात्रों के साथ खड़ी है और जब तक दोषियों को सजा नहीं मिल जाती और एक पारदर्शी परीक्षा प्रणाली सुनिश्चित नहीं हो जाती, वे पीछे नहीं हटेंगे। उन्होंने अंत में भावुक अपील करते हुए कहा कि युवाओं को अब अपनी शक्ति को पहचानना होगा क्योंकि उनका भविष्य दांव पर लगा है।
Discover more from
Subscribe to get the latest posts sent to your email.
