कोलकाता हादसा: घुमावदार एंट्री गेट और कमजोर ढांचा कैसे बना 19 लोगों की मौत की वजह
नई दिल्ली: कोलकाता के चोरबागान पंडाल में महासप्तमी की शाम को अचानक आई तेज बारिश इस बड़े हादसे की वजह बनी। दर्शन के लिए जुटी भारी भीड़ के बीच जब मूसलाधार बारिश शुरू हुई, तो बाहर खड़े लोग पानी से बचने के लिए तेजी से अंदर की तरफ भागे।
इस अचानक आए दबाव के कारण पंडाल का निकास द्वारा ढह गया, जिससे वहां भीषण अफरा-तफरी मच गई। इस दर्दनाक भगदड़ में 19 श्रद्धालुओं की कुचलने और दम घुटने से मौत हो गई, जिनमें अधिकांश महिलाएं और बच्चे थे, जबकि 25 अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हो गए।
कोलकाता के चोरबागान दुर्गा पूजा पंडाल में भारी बारिश के दौरान निकास द्वार पर भारी भीड़ जुटने से भगदड़ मच गई, जिसमें कई लोगों के दबने और लापता होने की खबर है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, तेज बारिश से बचने की जल्दी में संकरे रास्तों और कम रोशनी के बीच अफरा-तफरी मच गई, जिससे भीड़ का दबाव बढ़ने और ढांचा टूटने की आशंका के बीच एक लड़की के गिरने से स्थिति और बिगड़ गई।
इस हादसे में सुरक्षा गार्डों की सीटी और आयोजकों की घोषणाओं के बाद भगदड़ मचने का आरोप भी लगाया गया है, जबकि पुलिस और प्रशासन ने तुरंत पंडाल को बंद कर घायलों को अस्पताल पहुंचाया। घटना के बाद मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने अस्पताल पहुंचकर घायलों का हाल जाना और मृतकों के परिजनों को 25 लाख रुपये, सरकारी नौकरी तथा घायलों को पांच-पांच लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की है।
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साथ ही, इस पूरी घटना की जांच हाईकोर्ट के जज की अगुवाई वाली एसआईटी से कराई जाएगी और अष्टमी व नवमी के मद्देनजर दुर्गा पूजा पंडालों की सुरक्षा, भीड़ प्रबंधन और संरचनात्मक मजबूती की समीक्षा के लिए एक उच्चस्तरीय समिति का गठन किया गया है।
पीएम नरेंद मोदी ने पीड़ितों के परिवारों के लिए तुरतं आर्थिक मदद की घोषणा की है। प्रधानमंत्री ने इस घटना को बेहद दर्दनाक बताते हुए मृतकों के परिजनों को प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष से 2-2 लाख रुपये और घायलों को 50,000 रुपये की अनुग्रह राशि देने का एलान किया है।
दूसरी ओर, शनिवार शाम कोलकाता पहुंचे केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने संवेदनशीलता दिखाते हुए रविवार के अपने सभी राजनीतिक और सांस्कृतिक कार्यक्रमों को रद्द कर दिया है।
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