महायुति का बड़ा फैसला: बीजेपी, शिवसेना, एनसीपी मिलकर लड़ेंगे चुनाव, बयानबाजी पर रोक
नई दिल्ली: महाराष्ट्र की सत्तारूढ़ महायुति गठबंधन आगामी चुनाव एक साथ मिलकर लड़ेंगे। गठबंधन के नेताओ की बैठक के बाद भाजपा नेता चंद्रशेखर बावनकुले ने बताया की अब कोई भी नेता एक दूसरे के खिलाफ बयानबाजी नहीं करेगा बैठक में चुनावी रणनीति, विकास योजनाओ के पेसो के इस्तेमाल और पार्टियों के बीच आपसी तालमेल को मजबूत करने पर गंभीर चर्चा हुई।
चंद्रशेखर बावनकुले ने स्पष्ट किया है कि स्थानीय निकाय या अन्य चुनाव महायुति के घटक दलों के रूप में मिलकर लड़े जाएंगे और गठबंधन का फॉर्मूला सभी पर अनिवार्य रहेगा।
विकास निधि और बेहतर समन्वय पर विशेष चर्चा
उन्होंने सहयोगियों के खिलाफ सार्वजनिक आलोचना से बचने और मतभेदों को आपस में सुलझाने की बात कही, साथ ही विपक्ष की अटकलों को खारिज करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को बदलने का कोई सवाल ही नहीं उठता क्योंकि जनता ने महायुति को बड़ा जनादेश दिया है।
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बैठक में विकास निधि के बेहतर इस्तेमाल, लगभग 12 शामिल दलों के बीच प्रभावी संवाद और एक महीने के भीतर निगमों व समितियों में नियुक्तियां पूरी करने पर सहमति बनी, जबकि शिक्षा व्यवस्था के बुनियादी ढांचे को सुधारने की दिशा में भी सरकार लगातार काम कर रही है।
बीजेपी नेता चंद्रशेखर बावनकुले ने आदिवासी छात्रावास मामले में राहुल गांधी के समर्थन पर पलटवार किया है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस पहले ही इस मामले को देख चुके हैं। बावनकुले ने साफ किया कि 30 साल से ज्यादा उम्र के कुछ छात्रों के आदिवासी विकास विभाग के हॉस्टल मर रहने का मामला सरकार की नजर में है। उन्होंने राहुल गांधी को सलाह दी की वे इस मुद्दे पर कोई भी टिप्पणी करने से पहले पूरी जानकारी जूटा ले।
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