शिवसेना (UBT) में बड़ी दरार: 6 से 7 सांसदों के टूटने की अटकलें तेज
महाराष्ट्र की राजनीति में एक बार फिर भूचाल आ गया है जहां शिवसेना (यूबीटी) के सांसदों के शिंदे गुट में शामिल होने की अटकलों और संजय राउत के ‘खरीद-फरोख्त’ के आरोपों ने दिल्ली से मुंबई तक सियासी हलचल तेज कर दी है
महाराष्ट्र: तृणमूल कांग्रेस के बाद अब शिवसेना (यूबीटी) भी बड़े राजनीतिक संकट से जूझ रही है।
सूत्रों के मुताबिक, उद्धव ठाकरे गुट के 9 लोकसभा सांसदों में से 6 से सात सांसद सत्ताधारी शिवसेना (एकनाथ शिंदे गुट) में शामिल होने के इच्छुक हैं और राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में डेरा डाले हुए हैं।
इस बीच महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के भी देर रात दिल्ली रवाना होने की खबर है।
हालांकि, उद्धव ठाकरे ने कहा है कि जो जाना चाहते हैं, वे खुशी से जा सकते हैं, लेकिन पार्टी के भीतर उन्हें मनाने की कोशिशें भी तेज हो गई हैं।
सांसदों के फोन बंद होने के कारण बुधवार को दिल्ली में पार्टी के संसदीय दल की एक आपात बैठक बुलाई गई है।
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इस बीच, शिवसेना (यूबीटी) नेता संजय राउत ने ट्वीट कर सनसनीखेज दावा किया कि महाराष्ट्र के सांसदों को खरीदने के लिए 15 करोड़ रुपये का एडवांस दिया जा रहा है।
सूत्रों का कहना है कि सांसदों की इस नाराजगी की मुख्य वजह पार्टी में आदित्य ठाकरे का कद बढ़ाना है, जिससे वरिष्ठ नेता असहज हैं।
बगावत की इन्हीं अटकलों के बीच, उद्धव गुट के सांसद अरविंद सावंत ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को पत्र लिखकर मांग की है कि शिवसेना (यूबीटी) से अलग होने वाले किसी भी गुट को मान्यता या विशेषाधिकार न दिए जाएं और दल-बदल विरोधी कानून के तहत कार्रवाई की चेतावनी दी है।
बहरहाल, संजय राउत और अन्य शीर्ष नेता स्थिति को संभालने के लिए दिल्ली पहुंच चुके हैं।
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