अमेरिका का ईरान पर बड़ा एक्शन: दूसरे दौर के हवाई हमले शुरू, सैन्य ठिकाने और जहाज तबाह

अमेरिका का ईरान पर बड़ा एक्शन: दूसरे दौर के हवाई हमले शुरू, सैन्य ठिकाने और जहाज तबाह

राष्ट्रपति ट्रंप के सीधे निर्देश पर अमेरिकी सेना ने होर्मुज जलडमरूमध्य में जहाजों को निशाना बनाने वाले ईरानी सैन्य ठिकानों पर दूसरे दौर के विनाशकारी हवाई हमले शुरू कर दिए हैं, जिससे खाड़ी क्षेत्र में भारी तनाव फैल गया है

 

नई दिल्ली: वैश्विक व्यापार के लिए सबसे संवेदनशील समुद्री रास्ते होर्मुज को लेकर जारी तनाव के बीच अमेरिकी सेना ने ईरान के खिलाफ एक और बड़ा सैन्य एक्शन लिया है।

अमेरिकी राष्ट्रपति और सेना के कमांडर-इन-चीफ के सीधे निर्देश पर आज दोपहर ठीक 3 बजे (अमेरिकी पूर्वी समयानुसार – ईटी) ईरान के खिलाफ हवाई हमलों के दूसरे दौर (सेकंड वेव) की शुरुआत कर दी गई, जिसके बाद ईरान के कई इलाकों में धमाकों की आवाज सुनाई दी है।

ईरान की मेहर न्यूज एजेंसी ने भी इराक की सीमा के पास स्थित अहवाज शहर में धमाकों की आवाज़ सुनाई देने की खबर दी है, जिसे इस महीने तनाव शुरू होने के बाद से अमेरिकी सेना कई बार निशाना बना चुकी है।

अमेरिकी रक्षा विभाग के सूत्रों के अनुसार, इन ताजा हमलों का मुख्य उद्देश्य ईरान की उन सैन्य क्षमताओं को नेस्तनाबूद करना है, जिनका इस्तेमाल वह अंतरराष्ट्रीय जलमार्गों में जहाजों को डराने और विशेष रूप से होर्मुज में व्यावसायिक जहाजों की सुरक्षित आवाजाही को बाधित करने के लिए करता रहा है।

अमेरिका ने स्पष्ट किया है कि वह वैश्विक व्यापार को प्रभावित करने वाली किसी भी हिमाकत के लिए सीधे ईरान को ही जिम्मेदार ठहरा रहा है।

इस बीच, अमेरिकी सेंट्रल कमांड (सेंटकॉम) ने बुधवार (स्थानीय समय) को बताया कि अमेरिकी सेना ने एक खाली तेल टैंकर को भी निष्क्रिय कर दिया है। आरोप है कि यह जहाज ईरान के एक बंदरगाह की ओर जा रहा था और उसने इस्लामिक गणराज्य पर लगाई गई नौसैनिक नाकाबंदी का उल्लंघन करने की कोशिश करते हुए कई चेतावनियों को नजरअंदाज किया था।

दूसरी ओर, जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से पूछा गया कि क्या पुलों पर बमबारी करने से पहले उन्होंने ईरान को कोई डेडलाइन दी है, तो उन्होंने कहा कि उन्हें डेडलाइन देना पसंद नहीं है, लेकिन ईरान को काफी हद तक पूरी बात पता है और उन्हें बेहतर ढंग से पेश आना चाहिए।

चूंकि होर्मुज जलडमरूमध्य से दुनिया भर का करीब एक-तिहाई कच्चे तेल का व्यापार होता है, इसलिए अमेरिका के इस दूसरे दौर के हमलों के बाद इस समुद्री रास्ते पर जहाजों की आवाजाही पूरी तरह प्रभावित होने की आशंका बढ़ गई है।

यदि ईरान इस हमले का जवाबी पलटवार करता है, तो खाड़ी देशों में एक नया युद्ध छिड़ सकता है, जिससे दुनिया भर में कच्चे तेल की कीमतें आसमान छू सकती हैं। फिलहाल, अमेरिकी सेना ईरान की हरकतों पर पैनी नजर रखे हुए है और किसी भी जवाबी कार्रवाई का सामना करने के लिए पूरी तरह अलर्ट मोड पर है।


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Sanjana Kumari

संजना कुमारी: रियल-टाइम खबरों पर मजबूत पकड़ रखने वाली डिजिटल कंटेंट क्रिएटर और पत्रकार, जो सामाजिक-राजनीतिक, क्षेत्रीय और सांस्कृतिक घटनाक्रमों को डिजिटल दर्शकों के लिए सटीक व आकर्षक बनाती हैं