चुनाव आयोग पर भड़कीं ममता बनर्जी, की फिर से चुनाव कराने की मांग
पश्चिम बंगाल: मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने चुनाव आयोग की आंतरिक रिपोर्ट का हवाला देते हुए बीजेपी और आयोग पर निशाना साधा है। उनका आरोप है कि दोनों ने मिलकर बंगाल विधानसभा चुनाव के नतीजों में हेरफेर की और जनता के फैसले को प्रभावित किया।
ममता बनर्जी ने मांग की है कि मुख्य चुनाव आयुक्त को तुरंत गिरफ्तार किया जाए और जिन राज्यों में विशेष समीक्षा के बाद चुनाव हुए है, वहां पुरानी वोटर लिस्ट के आधार पर दोबारा मतदान कराया जाए।
चुनाव आयोग और बीजेपी के खिलाफ विपक्ष होगा एकजुट
इस गंभीर विवाद के बीच ममता बनर्जी ने ऐलान किया है कि विपक्षी दलों के ‘इंडिया’ गठबंधन के सहयोगी जल्द ही इस मुद्दे पर एक बड़ी बैठक करेंगे। उन्होंने चेतावनी दी है कि जब तक ज्ञानेश कुमार मुख्य चुनाव आयुक्त के पद पर बने रहेंगे, तब तक पूरे देश में कड़ा विरोध प्रदर्शन किया जाएगा।
तृणमूल कांग्रेस सुप्रीमो ने इसे देश के लोकतंत्र और स्वतंत्रता की एक और बड़ी लड़ाई करार देते हुए कहा कि यह संघर्ष सीधे तौर पर ऐसे मुख्य चुनाव आयुक्त और भाजपा के खिलाफ है जिन्होंने भारत की संवैधानिक संस्थाओं को भारी नुकसान पहुंचाया है।
विपक्ष के इन हमलों की पृष्ठभूमि वह मीडिया रिपोर्ट है जिसमें दावा किया गया है कि चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने पिछले 10 महीनों के दौरान कम से कम 14 बार चुनाव आयोग के कई फैसलों और आदेशों पर कड़ी आपत्ति दर्ज कराई थी।
दोनों आयुक्तों का कहना था कि आयोग द्वारा लिए जा रहे कई अहम फैसले उनकी जानकारी या सहमति के बिना लिए गए हैं, जिससे आंतरिक कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े होते हैं।
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हालांकि, चुनाव आयोग ने इस रिपोर्ट का खंडन करते हुए स्पष्ट किया है कि संस्था के भीतर लिखित टिप्पणियां, सुझाव और आंतरिक चेक-एंड-बैलेंस की व्यवस्था सुचारू कामकाज और पारदर्शिता का नियमित हिस्सा है।
आयोग का कहना है कि निर्णय प्रक्रिया के दौरान विचार-विमर्श के समय अलग-अलग राय आना सामान्य बात है और पिछले एक साल में एसआईआर सहित जितने भी फैसले लिए गए हैं, वे पूर्ण आयोग की सर्वसम्मति का परिणाम हैं।
दूसरी ओर, भाजपा सांसद संबित पात्रा ने इन आंतरिक चर्चाओं को एक स्वस्थ लोकतंत्र का संकेत बताते हुए विपक्ष पर चुनाव हारने के बाद संवैधानिक संस्थाओं को बेवजह निशाना बनाने का आरोप लगाया है।
चुनाव आयोग के इस विवाद के बाद देश की राजनीति काफी गरमा गई है। कांग्रेस नेता राहुल गांधी के साथ-साथ आम आदमी पार्टी, शिवसेना (उद्धव गुट), माकपा और समाजवादी पार्टी के बड़े नेताओं ने भी आयोग के काम करने के तरीके पर उंगली उठाई है।
इन सभी विपक्षी दलों ने मिलकर मुख्य चुनाव आयुक्त को पद से हटाने की मांग की है। विपक्ष का आरोप है कि चुनाव आयोग सरकार के इशारे पर काम कर रहा है और अपनी मर्जी से चुनाव की पूरी प्रक्रिया को प्रभावित करने की कोशिश में जुटा है।
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