लोकतंत्र की हत्या: नामांकन निरस्त होने पर भड़की कांग्रेस, भाजपा पर लगाया साजिश का आरोप

लोकतंत्र की हत्या: नामांकन निरस्त होने पर भड़की कांग्रेस, भाजपा पर लगाया साजिश का आरोप

मध्य प्रदेश से राज्यसभा चुनाव में कांग्रेस उम्मीदवार मीनाक्षी नटराजन का नामांकन रद्द होने पर विवाद गहरा गया है। कांग्रेस ने इसे लोकतंत्र की हत्या बताते हुए बीती रात धरना दिया। आज पार्टी का प्रतिनिधिमंडल चुनाव आयोग जाकर आय़ुक्त से मुलाकात कर कार्रवाई की मांग करेगा।

 

भोपाल: मध्य प्रदेश में राज्यसभा चुनाव को लेकर सियासी पारा पूरी तरह गरमा गया है। कांग्रेस उम्मीदवार मीनाक्षी नटराजन का नामांकन पत्र खारिज किए जाने का मामला अब एक बड़े राजनीतिक विवाद में बदल चुका है।

इस फैसले के विरोध में कांग्रेस ने मोर्चा खोल दिया है और पार्टी इसे ‘लोकतंत्र की हत्या’ और ‘सीट चोरी’ करार दे रही है। कांग्रेस का आरोप है कि भाजपा ने झूठ और षड्यंत्र का सहारा लेकर जानबूझकर यह नामांकन निरस्त कराया है।

मंगलवार की रात इस पूरे घटनाक्रम का केंद्र भोपाल स्थित मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी (सीईओ) कार्यालय रहा। रात करीब 10 बजे प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी, प्रदेश प्रभारी हरीश चौधरी, नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार और विधायक आरिफ मसूद समेत कई वरिष्ठ नेता और कार्यकर्ता सीईओ दफ्तर पहुंचे।

कार्यालय बंद होने और कोई अधिकारी न मिलने पर नाराज कांग्रेस नेताओं ने परिसर में ही फर्श पर बैठकर धरना शुरू कर दिया।

लगभग आधे घंटे के इंतजार के बाद मौके पर पहुंचे डिप्टी सीईओ ने स्थिति को संभाला और कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल को बुधवार सुबह मुलाकात का समय दिया।

इस मामले में अब दिल्ली से लेकर भोपाल तक हलचल तेज है। मध्य प्रदेश के घटनाक्रम को लेकर दिल्ली में भी कांग्रेस नेताओं ने चुनाव आयोग के दफ्तर के बाहर विरोध प्रदर्शन किया। विवाद को बढ़ता देख चुनाव आयोग ने इस मामले में संज्ञान लिया है।

चुनाव आयोग के सचिव अश्विनी कुमार मोहल ने कांग्रेस अध्यक्ष को पत्र भेजकर बातचीत के लिए आमंत्रित किया है।

नई दिल्ली के अशोका रोड स्थित निर्वाचन सदन में बुधवार दोपहर 12 बजे चुनाव आयोग और कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल के बीच एक महत्वपूर्ण बैठक तय की गई है, जिसके लिए आयोग ने कांग्रेस से शामिल होने वाले सदस्यों के नाम भी मांगे हैं।

दूसरी तरफ, मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में कांग्रेस का विरोध प्रदर्शन आज भी जारी रहेगा। पार्टी ने कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों से बड़ी संख्या में जुटने की अपील की है।

रणनीति के तहत कांग्रेस नेता और कार्यकर्ता भोपाल के रोशनपुरा चौराहे पर दोपहर 12 बजे से 3 बजे तक उपवास रखेंगे, जिसमें पीसीसी चीफ जीतू पटवारी समेत कई दिग्गज नेता शामिल होंगे।

बुधवार सुबह कांग्रेस का एक प्रतिनिधिमंडल भोपाल में चुनाव आयोग के दफ्तर पहुंचकर नामांकन रद्द किए जाने के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग करेगा। अब हर किसी की निगाहें चुनाव आयोग के रुख और कांग्रेस के अगले कदम पर टिकी हैं।

कांग्रेस नेताओं ने साफ कर दिया है कि अगर चुनाव आयोग से उन्हें न्याय नहीं मिला, तो वे इस लड़ाई को सुप्रीम कोर्ट तक ले जाएंगे।


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Raja Zaid

"राजा ज़ैद एक जाने-माने पत्रकार हैं। उन्हें देश के प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों के साथ राजनीति और सामायिक विषयो की कवरेज का 15 वर्षो से अधिक का अनुभव है।