नीट धांधली पर घमासान: राहुल गांधी का केंद्र पर निशाना, परीक्षा प्रणाली को बताया ‘नीलामी’
नई दिल्ली: नीट-यूजी परीक्षा में कथित अनियमितताओं और पेपर लीक के मामलों ने अब एक बड़ा राजनीतिक मोड़ ले लिया है। कांग्रेस नेता और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने इस मुद्दे को लेकर केंद्र सरकार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर सीधा हमला बोला है।
नीट 2026 परीक्षा में कथित पेपर लीक को लेकर सियासी घमासान तेज हो गया है। कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा अब परीक्षा नहीं, बल्कि नीलामी बन गई है। उन्होंने आरोप लगाया कि परीक्षा से करीब 42 घंटे पहले सवाल व्हाट्सएप पर बेचे जा रहे थे, जिससे लाखों छात्रों का भविष्य दांव पर लग गया।
राहुल गांधी ने एक्स पर लिखा, नीट 2026 के पेपर लीक की खबर सुनी। परीक्षा नहीं – नीट अब नीलामी है। कई सवाल परीक्षा से 42 घंटे पहले व्हाट्सएप पर बिक रहे थे। 22 लाख से ज़्यादा बच्चे साल भर रात-रात भर आँखें जलाकर पढ़ते रहे और एक रात में उनका भविष्य बाज़ार में सरेआम नीलाम हो गया। यह पहली बार नहीं है। 10 साल में 89 पेपर लीक – 48 बार दोबारा परीक्षा। हर बार वही वादे, और फिर वही खामोशी।
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प्रधानमंत्री पर निशाना साधते हुए राहुल गांधी ने कहा, मोदी जी, जब आप अपनी हर नाकामी का बिल जनता पर डालते हैं, तो ग़रीब के बच्चों का भविष्य भी उसी बिल में आता है। 22 लाख बच्चों का भरोसा टूटा है। और मोदी सरकार से बड़ा ख़तरा भारत के युवाओं के सपनों के लिए कोई नहीं। मैं भारत के युवा के साथ हूँ। यह वक़्त बेहद मुश्किल है – मैं जानता हूँ। लेकिन यह व्यवस्था ऐसे नहीं रहेगी। हम मिलकर इसे बदलेंगे।
वर्ष 2024 में भी सीकर में एक स्पष्ट पैटर्न सामने आया था। यहां 27,216 000 उम्मीदवारों में से 149 ने 700 से अधिक तो 2037 ने 650 से अधिक अंक तो 4297 ने 600 से अधिक अंक प्राप्त किए थे। सीकर अब कोटा के बाद दूसरा बड़ा कोचिंग हब बनकर उभर रहा है। यह आंकड़े सांख्यिकीय रूप से संदिग्ध थे, फिर भी अदालत में जांच सांख्यिकीय पैटर्न के बजाय ठोस, वास्तविक सबूतों पर केंद्रित रहीं थी।
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