“मोदी सरकार को खुद ही अपने झूठ के गुब्बारे को फोड़ना पड़ा है”, सामना के संपादकीय में सरकार पर निशाना
मुंबई। देश में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में हुई अचानक बढ़ोतरी को लेकर विपक्षी दलों ने केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली शिवसेना (UBT) ने अपने मुखपत्र ‘सामना’ के संपादकीय के जरिए केंद्र सरकार पर तीखा तंज कसा है।
शिवसेना (यूबीटी) ने आरोप लगाया है कि जनता ने भारतीय जनता पार्टी को लगातार तीन बार केंद्र की सत्ता सौंपी और हाल ही में पांच में से तीन राज्यों में भी जीत दिलाई, लेकिन इसके बदले में मोदी सरकार ने जनता को महंगाई का ‘रिटर्न गिफ्ट’ थमा दिया है। पार्टी का कहना है कि सरकार ने जनता को एक बार फिर महंगाई की भट्टी में झोंकने का काम किया है।
सामना के संपादकीय में पेट्रोल और डीजल के दामों में प्रति लीटर 3 रुपये की बढ़ोतरी को लेकर सरकार की मंशा पर गंभीर सवाल उठाए गए हैं। शिवसेना (यूबीटी) ने दावा किया कि ईंधन की कीमतों में बढ़ोतरी का ‘दबा हुआ सच’ आखिरकार चुनाव खत्म होते ही सबके सामने आ गया है।
उद्धव गुट ने तंज कसते हुए कहा कि अभी महज दो दिन पहले ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भाजपा शासित राज्यों के मुख्यमंत्रियों ने अचानक देशवासियों को ईंधन बचाने और किफायत बरतने का ज्ञान दिया था। इस अपील के ठीक दो दिन बाद ही चुपके से ईंधन की कीमतों में भारी इजाफा कर दिया गया, जिससे यह साफ होता है कि सरकार केवल अपनी नाकामी छिपाने के लिए जनता को नसीहतें दे रही थी।
ठाकरे गुट ने केंद्र सरकार पर चुनावी फायदे के लिए सच्चाई छिपाने का बड़ा आरोप लगाया है। संपादकीय के अनुसार, जब तक पांच राज्यों में विधानसभा चुनाव चल रहे थे, तब तक सरकार ने तेल की कीमतों पर अपने होंठ पूरी तरह से सी रखे थे। उस दौरान भाजपा के नेता और समर्थक बड़े-बड़े दावे कर रहे थे कि कैसे पीएम मोदी ने अपनी बेहतरीन नीतियों की वजह से भारत को ईरान युद्ध के वैश्विक प्रभाव से बचा रखा है और देश में ईंधन का कोई संकट नहीं आने दिया। लेकिन जैसे ही चुनाव खत्म हुए और भाजपा का चुनावी जश्न थमा, जिसमें सैकड़ों गाड़ियों के रोड शो में लाखों लीटर ईंधन फूंक दिया गया, वैसे ही प्रधानमंत्री को अचानक देश के विदेशी मुद्रा भंडार और ईंधन संकट की गहरी चिंता सताने लगी।
इसे भी पढ़ें: राजा रघुवंशी मर्डर केस पर SC में सुनवाई टली
शिवसेना (यूबीटी) ने कहा कि खाड़ी देशों में पिछले तीन महीनों से युद्ध जैसे हालात बने हुए हैं, जिसका असर पूरी दुनिया पर पड़ रहा है। मगर भाजपा लगातार यह ढोल पीट रही थी कि भारत इस संकट से अछूता है, लेकिन अब सरकार को खुद ही अपने इस झूठ के गुब्बारे को फोड़ना पड़ा है।
पार्टी ने चेतावनी दी कि पेट्रोल और डीजल के महंगे होने का सीधा असर अब आम जनता की जेब पर पड़ेगा। देश में पहले से ही दूध दो रुपये महंगा हो चुका है और सोने-चांदी की कीमतें आम आदमी की पहुंच से बाहर हैं। अब ईंधन की मार के बाद फल, सब्जियों से लेकर रोजमर्रा की तमाम जरूरी चीजों के दाम आसमान छूने लगेंगे।
उद्धव गुट ने तंज कसते हुए कहा कि जो कट्टर भक्त मोदी को ‘विश्वगुरु’ बताते हैं, उन्हें अब यह समझ लेना चाहिए कि खाड़ी युद्ध से उपजे वैश्विक संकट और भारत पर उसके आर्थिक असर को संभालना मोदी सरकार के बस की बात नहीं रह गई है।
Discover more from
Subscribe to get the latest posts sent to your email.
