ईरान पर फिर हमले की स्क्रिप्ट लिख रहे अमेरिका और इज़राइल
नई दिल्ली(इंटरनेशनल डेस्क)। मिडिल ईस्ट में जारी भारी तनाव के बीच अमेरिका और इज़राइल ने ईरान पर एक बार फिर बड़े सैन्य हमले की पटकथा लिखनी शुरू कर दी है। खुफिया रिपोर्टों और अमेरिकी मीडिया के हवाले से सामने आई खबरों के अनुसार, दोनों देश ईरान के खिलाफ नए सिरे से युद्ध छेड़ने की बेहद तीव्र तैयारियों में जुटे हैं और यह कार्रवाई आगामी कुछ ही दिनों के भीतर शुरू हो सकती है।
अमेरिकी रक्षा विभाग (पेंटागन) और इज़राइली सैन्य कमांडरों के बीच इस संभावित सैन्य एक्शन को लेकर अब तक की सबसे गंभीर रणनीति तैयार की जा रही है। यह घटनाक्रम ऐसे समय में सामने आया है जब हाल ही में पाकिस्तान की मध्यस्थता से हुआ युद्धविराम और दोनों पक्षों के बीच चल रही शांति वार्ता पूरी तरह से बेपटरी होने के कगार पर पहुंच गई है।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने स्पष्ट शब्दों में चेतावनी दी है कि ईरान के पास अब केवल दो ही रास्ते बचे हैं—या तो वह परमाणु कार्यक्रम और यूरेनियम सौंपने के समझौते पर पूरी तरह राजी हो जाए, या फिर पूरी तरह से तबाह होने के लिए तैयार रहे। अमेरिकी प्रशासन का आरोप है कि ईरान बार-बार शर्तों से पीछे हट रहा है और बातचीत को केवल समय काटने के हथकंडे के रूप में इस्तेमाल कर रहा है।
वहीं, ईरान की संसद की राष्ट्रीय सुरक्षा समिति के प्रवक्ता ने पलटवार करते हुए धमकी दी है कि अगर अमेरिका और इज़राइल ने दोबारा हमला करने की हिमाकत की, तो ईरान अपने यूरेनियम संवर्धन को बढ़ाकर सीधे 90 प्रतिशत (हथियार श्रेणी) तक ले जाएगा। इस जुबानी जंग के बीच दोनों शक्तियों के बीच चल रही कूटनीति अब लगभग दम तोड़ चुकी है।
इस बार अमेरिका और इज़राइल की सैन्य योजना पहले से कहीं अधिक आक्रामक और व्यापक मानी जा रही है। रक्षा सूत्रों के मुताबिक, नई स्क्रिप्ट के तहत ईरान के सैन्य ठिकानों और बुनियादी ढांचों पर बड़े पैमाने पर हवाई बमबारी करने के साथ-साथ फारस की खाड़ी में स्थित ईरान के सबसे प्रमुख तेल निर्यात केंद्र ‘खार्क द्वीप’ पर पूरी तरह से नियंत्रण करने की योजना है।
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इसके अलावा, सबसे जोखिम भरा कदम ईरान की मुख्य भूमि पर अमेरिकी कमांडो उतारने का है, जो मलबे और बंकरों के नीचे दबे अत्यधिक संवर्धित यूरेनियम को अपने कब्जे में लेकर वहां से बाहर निकालेंगे। इस जमीनी अभियान के लिए हजारों अतिरिक्त सहायक सैनिकों को अलर्ट पर रखा गया है, जिन्हें ईरानी जमीनी सेना के साथ सीधे मुकाबले के लिए तैयार रहने को कहा गया है।
अंतरराष्ट्रीय कूटनीतिक हलकों में इस नई तैयारी को लेकर भारी चिंता जताई जा रही है, क्योंकि हालिया संघर्ष में पहले ही बड़े पैमाने पर तबाही हो चुकी है और वैश्विक तेल बाजार बुरी तरह प्रभावित हुआ है।
इज़राइल के वरिष्ठ अधिकारियों का कहना है कि वे कई हफ्तों तक चलने वाली इस संभावित जंग के लिए पूरी तरह मुस्तैद हैं और केवल अमेरिकी राष्ट्रपति के अंतिम आदेश का इंतजार कर रहे हैं। दूसरी तरफ, रूस और चीन जैसी वैश्विक शक्तियां क्षेत्र में फिर से युद्ध भड़कने की संभावनाओं को रोकने और कूटनीतिक समाधान तलाशने के लिए संयुक्त अरब अमीरात (UAE) समेत कई खाड़ी देशों के साथ लगातार संपर्क में हैं। बहरहाल, अमेरिका और इज़राइल की इस चक्रव्यूह रचना ने पूरी दुनिया को एक बार फिर भीषण विश्व संकट के मुहाने पर लाकर खड़ा कर दिया है।
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