पीएम के आह्वान पर बोले राज ठाकरे, “जनता को नसीहत और खुद….”
मुंबई। महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) के अध्यक्ष राज ठाकरे ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा नागरिकों से की गई ‘काटकसर’ (किफायत) की अपील पर तीखा हमला बोला है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (X) पर एक विस्तृत पोस्ट साझा करते हुए राज ठाकरे ने सरकार की नीतियों और प्रधानमंत्री के आचरण पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं।
प्रधानमंत्री मोदी ने हाल ही में देशवासियों से अपील की थी कि वे सोने की खरीद कम करें, पेट्रोल-डीजल का इस्तेमाल घटाएं, अनावश्यक विदेशी दौरों से बचें और जहां संभव हो ‘वर्क फ्रॉम होम’ का विकल्प चुनें ताकि देश की अर्थव्यवस्था को मजबूती मिल सके।
राज ठाकरे ने इस अपील को ‘दोहरा मापदंड’ करार देते हुए पूछा कि जनता को संयम की सलाह देने वाली सरकार खुद कितनी बचत कर रही है? उन्होंने कहा कि एक तरफ प्रधानमंत्री लोगों को पेट्रोल बचाने की सलाह दे रहे हैं, तो दूसरी तरफ खुद और उनके मंत्री चुनाव प्रचार और रोड शो में सैकड़ों गाड़ियों का काफिला लेकर चलते हैं। उन्होंने तंज कसते हुए पूछा, “क्या इन काफिलों और फूलों की बारिश में पेट्रोल-डीजल बर्बाद नहीं होता?”
इतना ही नहीं, राज ठाकरे ने प्रधानमंत्री के आगामी विदेशी दौरों पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि नागरिकों को विदेश यात्रा टालने की सलाह देने वाले प्रधानमंत्री खुद 15 मई से पांच देशों की यात्रा पर जा रहे हैं। उन्होंने मांग की कि दूसरों को उपदेश देने से पहले प्रधानमंत्री को खुद अपने विदेशी दौरे रद्द कर एक मिसाल पेश करनी चाहिए।
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अर्थव्यवस्था के मुद्दे पर सरकार को घेरते हुए मनसे प्रमुख ने अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि जब तेल के दाम कम थे, तब भी जनता से ऊंचे दाम वसूले गए, वह पैसा कहां गया? उन्होंने ‘रेवड़ी संस्कृति’ (मुफ्त की योजनाओं) पर भी सवाल उठाए और कहा कि अगर देश की आर्थिक स्थिति वाकई चिंताजनक है, तो चुनाव जीतने के लिए बांटी जा रही मुफ्त की योजनाओं पर रोक क्यों नहीं लगाई जाती?
पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री का उदाहरण देते हुए राज ठाकरे ने कहा कि शास्त्री जी ने जब देश से उपवास या त्याग की अपील की थी, तो पहले उसे खुद के जीवन में लागू किया था। ठाकरे ने अंत में मांग की कि देश की वास्तविक आर्थिक स्थिति पर चर्चा के लिए संसद का विशेष सत्र बुलाया जाना चाहिए। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि हम राजनीतिक विरोधी हो सकते हैं, लेकिन देश के दुश्मन नहीं हैं, इसलिए सवाल पूछना जारी रखेंगे।
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