पाकिस्तान रच रहा साजिश: पीएम मोदी के डीपफेक वीडियो फैलाकर छात्रों को भड़काने का दावा
भारतीय ख़ुफ़िया एजेंसियों ने दावा किया है कि पाकिस्तान से संचालित सोशल मीडिया खातों के जरिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के डीपफेक वीडियो फैलाए जा रहे है जिसका उद्देश्य छात्रों और युवाओ को भ्रमित कर दोबारा विरोध प्रदर्शनों के लिए उकसाना है
नई दिल्ली: भारतीय खुफिया एजेंसियों ने दावा किया है कि पाकिस्तान से संचालित सोशल मीडिया हैंडल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को निशाना बनाकर बनाए गए डीपफेक वीडियो बड़े पैमाने पर प्रसारित कर रहे हैं। इन वीडियो का मुख्य उद्देश्य युवाओं और छात्रों को भड़काकर दोबारा विरोध-प्रदर्शन के लिए उकसाना और राजनीतिक अस्थिरता पैदा करना है।
इसे भी पढ़ें: पंजाब कांग्रेस का मनमुटाव जल्द सुलझेगा, गहलोत को एकजुटता का भरोसा
एजेंसियों के मुताबिक, इन फर्जी वीडियो में यह झूठा दावा किया जा रहा है कि प्रधानमंत्री हालिया छात्र प्रदर्शनों में शामिल युवाओं के खिलाफ सख्त कार्रवाई करना चाहते हैं। जबकि वास्तविकता इसके विपरीत है; सरकार और विभिन्न राज्य सरकारें पहले ही स्पष्ट कर चुकी हैं कि शांतिपूर्ण प्रदर्शनों में शामिल छात्रों के खिलाफ कोई दंडात्मक कार्रवाई नहीं की जाएगी और दिल्ली सरकार ने तो इस से जुड़े 13 मामलों की कार्यवाही बंद करने के आदेश भी दिए हैं।
अधिकारियों का कहना है कि नीट पेपर लीक के विरोध प्रदर्शनों के शांत होने और सरकार द्वारा स्थिति संभाल लिए जाने से पाकिस्तान समर्थित तत्व निराश हैं, इसलिए वे लोकतांत्रिक तरीके से चुनी गई भारत सरकार के प्रति लोगों का भरोसा कमजोर करने की साजिश रच रहे हैं। खुफिया अधिकारियों ने विशेषकर छात्रों और आम जनता से अपील की है कि वे ऐसे भ्रामक दावों और डीपफेक वीडियो के झांसे में न आएं।
Discover more from
Subscribe to get the latest posts sent to your email.
