तुलु मंडल की अकूत संपत्ति पर घमासान, बीजेपी ने ममता को घेरा

तुलु मंडल की अकूत संपत्ति पर घमासान, बीजेपी ने ममता को घेरा

पश्चिम बंगाल में करोड़ो रुपये और सोने की बरामदगी के बाद उजागर हुए तुलु मंडल के काले कारोबार ने एक बार फिर TMC की राजनीतिक साख पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए है

 

पश्चिम बंगाल: बीरभूम जिले में 28.50 करोड़ रुपये नकद और करीब 15 किलोग्राम सोना बरामद होने के मामले में तृणमूल कांग्रेस एक बार फिर चर्चा में आ गई है, जहां मुख्य आरोपी मोहम्मद निजामुद्दीन उर्फ तुलु मंडल और उसके सहयोगी मिनार मंडल पर जांच एजेंसियों का शिकंजा कसता जा रहा है।

पुलिस ने मिनार मंडल के घर छापेमारी कर उसे गिरफ्तार कर लिया है, जिसने पूछताछ में स्वीकार किया है कि बरामद नकदी और सोना तुलु मंडल का है।

पूर्व में बस चालक और डंपर पर पत्थर लोड करने वाला मिनार बाद में पत्थर के कारोबार से जुड़ गया था, जबकि उसका सहयोगी तुलु मंडल वर्तमान में फरार है और उसके खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी किया गया है।

जांच के अनुसार, तुलु मंडल ने 2014-15 के दौरान पूर्व टीएमसी नेता अनुब्रत मंडल के करीबी और उनके निजी सुरक्षा कर्मी साइगल हुसैन के संपर्क में आने के बाद तेजी से अकूत संपत्ति और बड़ा कारोबारी साम्राज्य खड़ा किया।

हालांकि तुलु ने कभी औपचारिक रूप से टीएमसी की सदस्यता नहीं ली, फिर भी उसके पास 200 से अधिक वाहनों का बेड़ा हो गया जिनका उपयोग पत्थर, कोयला और रेत खनन के परिवहन में होता था।

इस खुलासे के बाद राजनीतिक घमासान मच गया है, जहाँ पश्चिम बंगाल विधानसभा में विपक्ष के नेता शुभेंदु अधिकारी ने बीरभूम पुलिस की कार्रवाई की सराहना करते हुए ममता बनर्जी पर निशाना साधा और कहा कि तत्कालीन सरकार के संरक्षण के बिना इतना बड़ा रैकेट संभव नहीं था।

इस मामले में 21 संपत्तियों के सुराग मिले हैं जिन्हें जब्त किया जाएगा। दूसरी ओर, टीएमसी नेता कुणाल घोष ने बरामदगी पर सवाल उठाते हुए पूछा है कि इतनी देर से कार्रवाई क्यों की गई, जबकि अनुब्रत मंडल ने तुलु मंडल से किसी भी प्रकार के संबंध से साफ इनकार कर दिया है।


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Mehak B