संसद में पट्टी बांधकर पहुंचे पप्पू यादव, छात्र आंदोलन पर सरकार को घेरा
पप्पू यादव ने बिहार सरकार के उस फैसले का स्वागत किया जिसमें छात्र प्रदर्शन से जुड़े मामलों में कोई कार्रवाई न करने का निर्णय लिया गया है
नई दिल्ली: संसद के मानसून सत्र (मीटिंग) के दौरान, बिहार के पूर्णिमा से आज़ाद (निर्दलीय) चुनाव जीतने वाले सांसद पप्पू यादव ने एक अनोखा विरोध प्रदर्शन किया उन्होंने अपने सिर पर ‘जस्टिस’ (यानि न्याय) लिखी हुई एक पट्टी बाँधी और छात्रों पर हुई पुलिस की लाठीचार्ज को लेकर केंद्र सरकार जमकर गुस्सा निकाला।
उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदर्शनकारियों पर लाठियां बरसाई जा रही हैं और ऐसे तरीकों का इस्तेमाल किया जा रहा है, जो बेहद चिंताजनक हैं। पप्पू यादव ने अपने बयान में देश के पूर्व शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का नाम लिया। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या किसी ऐसे व्यक्ति को पगड़ी पहनानी चाहिए जिस पर भ्रष्टाचार (बेईमानी) के आरोप हों, क्योंकि पगड़ी को पूरी दुनिया में इज़्ज़त और सम्मान का प्रतीक माना जाता है।
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पप्पू यादव ने बिहार सरकार के उस फैसले का स्वागत किया जिसमें छात्र प्रदर्शन से जुड़े मामलों में कोई कार्रवाई न करने का निर्णय लिया गया है, लेकिन साथ ही मांग की कि सरकार छात्रों और उनके परिवारों से माफी मांगे तथा दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ सख्त कदम उठाए।
उन्होंने आरोप लगाया कि बिहार पुलिस और एसटीएफ ने छात्रों के साथ अत्यधिक बल प्रयोग किया है, जिसमें कुछ पुलिसकर्मी सादे कपड़ों में भी नजर आए। उन्होंने इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने और दोषी अधिकारियों को निलंबित करने की मांग की।
सांसद ने जोर देकर कहा कि छात्रों से जुड़े मुद्दों पर विपक्ष पूरी तरह एकजुट है और छात्र संगठनों ने अपनी मांगों को लेकर अनिश्चितकालीन धरना जारी रखने का फैसला किया है। उन्होंने लगातार सामने आ रहे पेपर लीक के मामलों को युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ बताया और कहा कि सरकार को इस पर जवाब देने के साथ-साथ ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए ठोस कदम उठाने चाहिए।
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