संसद का मानसून सत्र: कार्यवाही 12 बजे तक स्थगित, आखिरी चार दिनों में बड़े विधेयकों पर रार
गतिरोध के चलते लोकसभा और राज्यसभा दोनों सदनों की कार्यवाही को 12 बजे तक के लिए स्थगित करना पड़ा है
नई दिल्ली: संसद के मानसून सत्र के आखिरी दौर में राजनीतिक हलचल काफी तेज हो गई है और सरकार तथा विपक्ष के बीच जबरदस्त जोर-आजमाइश शुरू हो गई है। गतिरोध के चलते लोकसभा और राज्यसभा दोनों सदनों की कार्यवाही को 12 बजे तक के लिए स्थगित करना पड़ा है। सत्र के अब केवल चार दिन शेष बचे हैं, और इसी अंतिम चरण में महिला आरक्षण तथा परिसीमन से जुड़े संविधान संशोधन विधेयक लाए जाने की चर्चाओं ने जोर पकड़ लिया है।
गृह मंत्री अमित शाह सदन में उपस्थित हो सकते हैं
इन महत्वपूर्ण विधायी प्रस्तावों और संभावित चर्चाओं को देखते हुए एनडीए और ‘इंडिया’ ब्लॉक दोनों ने ही अपने सभी सांसदों को 10 से 12 अगस्त तक दोनों सदनों में हर हाल में अनिवार्य रूप से उपस्थित रहने के लिए व्हिप जारी किया है। इसके अलावा, प्रदर्शनकारियों पर कथित पुलिस ज्यादती को लेकर विपक्ष की तीखी मांग को ध्यान में रखते हुए गृह मंत्री अमित शाह सदन में उपस्थित हो सकते हैं और विभिन्न मुद्दों पर सरकार का पक्ष रख सकते हैं।
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सोमवार से दोबारा शुरू हो रहे इस सत्र के दौरान सरकार का मुख्य फोकस एफसीआरए (विदेशी अंशदान विनियमन अधिनियम) बिल को पास कराने पर है। इस प्रस्तावित विधेयक के प्रावधानों में किसी संगठन के एफसीआरए प्रमाण पत्र की वैधता को समाप्त करने और उसके नवीनीकरण से इंकार करने जैसे कड़े नियम शामिल हैं।
ऐसी पूरी संभावना है कि गृह मंत्री अमित शाह सदन में आकर इस बिल और विपक्ष द्वारा उठाए जा रहे अन्य तमाम मुद्दों पर विस्तृत जवाब देंगे, जिसकी मांग कांग्रेस और अन्य विपक्षी दल लगातार कर रहे हैं। इसके साथ ही, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के भी सदन में आकर अपनी बात रखने और महत्वपूर्ण विषयों पर संबोधन देने की संभावना जताई जा रही है।
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