पटना हाई कोर्ट ने अपने दो अहम फैसलों में साफ किया है कि राजस्व अधिकारी जज नहीं हैं और वे मनमाने तरीके से किसी की जमाबंदी रद्द नहीं कर सकते, जिससे सरकार के जमाबंदी निरस्त करने के अभियान को बड़ा झटका लगा है और आम लोगों को बड़ी राहत मिली है
बिहार: जमीन की जमाबंदी (जमीन के मालिकाना हक का सरकारी रिकॉर्ड) निरस्त करने को लेकर सरकार द्वारा चलाए जा रहे अभियान के बीच पटना हाई कोर्ट ने दो अलग-अलग फैसलों में राज्य सरकार को बड़ा झटका दिया है।
हाई कोर्ट ने कड़ा रुख अपनाते हुए साफ कर दिया है कि अंचल अधिकारी या राजस्व विभाग के अन्य अधिकारी कोई जज नहीं हैं और वे मनमाने तरीके से किसी की भी जमाबंदी रद्द नहीं कर सकते।
अदालत ने कहा कि जमाबंदी निरस्त करने की प्रक्रिया में कानूनी नियमों और उचित प्रक्रिया का पालन करना अनिवार्य है, न कि अधिकारियों की व्यक्तिगत इच्छा का हाई कोर्ट के इस सख्त आदेश के बाद अब सरकार के इस विशेष अभियान पर कानूनी रूप से लगाम लग गई है।
जिससे उन आम लोगों को बड़ी राहत मिली है जिनकी जमाबंदियों को बिना पुख्ता कानूनी आधार के रद्द किए जाने का खतरा मंडरा रहा था।
Discover more from
Subscribe to get the latest posts sent to your email.
संजना कुमारी: रियल-टाइम खबरों पर मजबूत पकड़ रखने वाली डिजिटल कंटेंट क्रिएटर और पत्रकार, जो सामाजिक-राजनीतिक, क्षेत्रीय और सांस्कृतिक घटनाक्रमों को डिजिटल दर्शकों के लिए सटीक व आकर्षक बनाती हैं