पंडाल हादसे पर राजनीतिक घमासान: टीएमसी ने प्रशासनिक नाकामी को ठहराया जिम्मेदार
नई दिल्ली: कोलकाता के चोरबागान दुर्गा पूजा पंडाल में शनिवार रात मची भगदड़ में 19 लोगों की मौत हो गई, जिस पर पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने दुख जताया है।
टीएमसी ने इस घटना के लिए पुलिस और प्रशासनिक व्यवस्था को जिम्मेदार ठहराते हुए जवाबदेही तय करने की मांग की है। पूरी खबर के लिए दैनिक जागरण और आज तक पर जाएं।
चोरबागान पूजा पंडाल में मची भगदड़ की दुखद घटना पर पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने गहरा शोक व्यक्त किया है।
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर अपनी संवेदना साझा करते हुए उन्होंने कहा कि इस हादसे के बारे में जानकर वे बेहद स्तब्ध और आहत हैं।
उन्होंने मां दुर्गा से घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की प्रार्थना की और इस मुश्किल समय में पीड़ित परिवारों को संबल और साहस देने की कामना की है।
प्रशासनिक चूक पर टीएमसी का वार
दूसरी ओर, इस दुर्घटना को लेकर तृणमूल कांग्रेस (TMC) ने राज्य की प्रशासनिक व्यवस्था और विपक्ष पर कड़ा हमला बोला है। टीएमसी ने मांग की है कि घायलों के इलाज और राहत कार्यों में पूरी तेजी लाई जाए तथा पीड़ित परिवारों को किसी भी प्रकार की परेशानी न उठानी पड़े।
इसे भी पढ़ें: पश्चिम बंगाल: अमित शाह को काले झंडे दिखाए, BJP-TMC कार्यकर्त्ता भिड़े
पार्टी ने यह भी आरोप लगाया कि पूजा समिति के अध्यक्ष, सचिव और अन्य प्रमुख पदाधिकारी या तो फरार हैं या कुछ लोग पुलिस संरक्षण में हैं, इसलिए हत्या से जुड़ी गंभीर कानूनी धाराओं के तहत उन सभी को तत्काल गिरफ्तार किया जाना चाहिए।
इसके अलावा, जिन लोगों के नाम प्रोसेनजीत साहा ने लिए हैं, उन्हें जांच को प्रभावित करने की अनुमति नहीं दी जानी चाहिए।
टीएमसी ने कहा कि जब तक मौजूदा पुलिस कमिश्नर और ऑफिसर-इन-चार्ज (OC) अपने पदों पर बने रहेंगे, तब तक निष्पक्ष जांच संभव नहीं है। उन्हें तुरंत उनके पदों से हटाया जाना चाहिए एक पूरी तरह से स्वतंत्र जांच की आवश्यकता है।
उन्होंने आरोप लगाया कि कोलकाता पुलिस के रहते हुए इस मामले की निष्पक्ष जांच होना नामुमकिन है। शिकायत है कि एक समिति (कमेटी) ने जबरदस्ती दुर्गा पूजा के आयोजन पर अपना ‘कब्जा’ जमा लिया था।
उन्होंने मांग की है कि इस पूरे मामले की जांच में उन सभी ताकतवर और रसूखदार लोगों से भी पूछताछ की जानी चाहिए जिन्होंने पूजा पर कब्जा करने में मदद की थी, उन्हें किसी भी कीमत पर जांच से बाहर नहीं रखा जाना चाहिए।
Discover more from
Subscribe to get the latest posts sent to your email.
