पोस्टर विवाद: जन सुराज ने भाजपा के खिलाफ खटखटाया चुनाव आयोग का दरवाजा
बिहार में पोस्टर वार अब चुनाव आयोग की चौखट तक पहुंच गया है, जहां जन सुराज ने भाजपा पर आदर्श आचार संहिता के उल्लंघन और भ्रामक पोस्टरबाजी का आरोप लगाते हुए मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी को एक चार सूत्री ज्ञापन सौंपा है
बिहार: पोस्टर वार अब चुनाव आयोग तक पहुंच गया है, जहां प्रशांत किशोर की पार्टी जन सुराज ने आदर्श आचार संहिता के उल्लंघन का आरोप लगाते हुए मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी से शिकायत की है। पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष मनोज भारती ने शुक्रवार को पत्रकारों से बातचीत में कहा कि चुनाव प्रचार के दौरान हो रहा आचार संहिता का उल्लंघन गंभीर चिंता का विषय है।
उन्होंने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर आरोप लगाया कि पिछले दो दिनों में पटना के प्रमुख चौराहों पर प्रशांत किशोर के खिलाफ भ्रामक और झूठे पोस्टर लगाए गए हैं, जिनमें मुस्लिम टोपी, नोटों की गड्डी और “केसी सिन्हा तो झांकी हैं, जमानत जब्त होना अभी बाकी है” जैसे नारों का इस्तेमाल कर मतदाताओं को गुमराह करने का प्रयास किया जा रहा है। जन सुराज ने इस संबंध में चुनाव आयोग को एक ज्ञापन सौंपकर त्वरित कार्रवाई की मांग की है।
इस ज्ञापन में पार्टी ने भ्रामक पोस्टरबाजी के अलावा तीन अन्य प्रमुख मुद्दे भी उठाए हैं। मनोज भारती ने आरोप लगाया कि जन सुराज के जिन पोस्टरों और बैनरों को लोगों की सहमति से उनके निजी घरों पर लगाया गया था, उन्हें भाजपा कार्यकर्ता जबरन हटा रहे हैं और मकान मालिकों की अनुमति के बिना वहां भाजपा के झंडे व पोस्टर लगा रहे हैं।
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विरोध करने पर ये लोग खुद को नगर निगम का कर्मचारी बताते हैं, लेकिन पहचान पत्र मांगने पर भाग खड़े होते हैं। पार्टी ने इस मामले में भी चुनाव आयोग से तुरंत हस्तक्षेप करने का आग्रह किया है।
इसके अलावा, प्रदेश अध्यक्ष ने वर्ष 2025 के विधानसभा चुनाव का हवाला देते हुए तीसरा मुद्दा उठाया और आरोप लगाया कि उस समय सरकारी तंत्र द्वारा जीविका दीदियों का इस्तेमाल मतदान के दिन बूथों के अंदर और बाहर किया गया था।
उन्होंने आयोग से मांग की कि आगामी चुनाव में ऐसी स्थिति दोबारा पैदा न होने दी जाए। चौथे मुद्दे के रूप में उन्होंने अर्धसैनिक बलों की तैनाती पर सवाल उठाया।
भारती का कहना था कि अर्धसैनिक बलों की जिम्मेदारी केवल मतदान केंद्रों के बाहर सुरक्षा व्यवस्था संभालने की होती है, लेकिन पिछले चुनाव में कई जगह उन्हें बूथ के अंदर तैनात कर दूसरे कार्य कराए गए थे। जन सुराज ने चुनाव आयोग से मांग की है कि इस तरह की प्रक्रियाओं पर तुरंत रोक लगाई जाए और चुनाव ड्यूटी में लगे सभी अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए जाएं ताकि निष्पक्ष और पारदर्शी मतदान सुनिश्चित हो सके।
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