‘पीएम की चुप्पी पर सवाल’- जयराम ने पूछा, बड़े दोषियों पर कार्रवाई क्यों नहीं?
उत्तर प्रदेश: कांग्रेस के वरिष्ठ नेता जयराम रमेश ने अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावे की कथित गड़बड़ी को लेकर BJP और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर बड़ा आरोप लगाया है। उन्होंने मांग की है कि मंदिर के पुरे पैसे और खातों की एक्सपर्ट्स से बारीकी से जांच करवाई जाए।
कांग्रेस का कहना है कि इस मामले में जो भी लोग दोषी है, उन पर तुरंत कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए और जांच की पूरी सच्चाई बिना कुछ छुपाए जनता के सामने लाई जानी चाहिए।
बड़ी मछलियों पर कार्रवाई और ट्रस्ट को भंग करने की मांग
जयराम रमेश ने सवाल किया कि इस मामले में अब तक “बड़ी मछलियों” के खिलाफ कार्रवाई क्यों नहीं हुई और मंदिर ट्रस्ट को भंग क्यों नहीं किया गया? सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में उन्होंने कहा कि कांग्रेस की मांग बेहद स्पष्ट है और देश की जनता को ऐसी किसी भी सरकारी जांच पर भरोसा नहीं है, जिसमें बड़े लोगों को बचाने की आशंका हो।
उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधते हुए कहा कि चढ़ावा भगवान श्रीराम के नाम पर आया था और जो लोग इसके प्रबंधन तथा प्रबंधकों को चुनने का श्रेय लेते रहे हैं, उन्हें इस चोरी की जिम्मेदारी भी लेनी होगी।
रमेश ने दावा किया कि जांच शुरू हुए तीन महीने पूरे होने में अब कुछ ही दिन शेष हैं, लेकिन अभी तक आरोपपत्र दाखिल नहीं हुआ है। यदि 25 सितंबर तक आरोपपत्र दाखिल नहीं होता है, तो इस मामले के छोटे किरदारों को जमानत मिलने का रास्ता साफ हो जाएगा।
कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया कि सीसीटीवी फुटेज की जांच में दान की रकम की गिनती वाले कमरे से पैसे हटाने या छिपाने की 105 घटनाएं सामने आ चुकी हैं, जिन्हें नकारा नहीं जा सकता।
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उन्होंने कहा कि यह समझना मुश्किल नहीं है कि आरोपपत्र दाखिल करने में देरी क्यों हो रही है, क्योंकि यह सब बड़े चोरों और उनके संरक्षकों से ध्यान भटकाने के लिए किया जा रहा है।
रमेश ने प्रधानमंत्री की “चुप्पी” पर सवाल उठाते हुए कहा कि देश की आस्था से जुड़े इस गंभीर मामले पर प्रधानमंत्री को जवाब देना ही होगा।
उन्होंने आरोप लगाया कि एसआईटी के नाम पर बीजेपी की सरकारों द्वारा आरएसएस-बीजेपी से जुड़े आरोपियों को बचाने का प्रयास किया जा रहा है, जबकि सवाल केवल आरोपियों का नहीं बल्कि उन लोगों की जवाबदेही का भी है जिनकी देखरेख में यह सब हुआ
इस पूरे मामले की जांच के लिए बनाई गई विशेष टीम ने सुप्रीम कोर्ट को अपनी रिपोर्ट सौंप दी है। रिपोर्ट के मुताबिक, मंदिर के CCTV फुटेज को देखने के बाद ऐसी 105 घटनाएं पकड़ी गई है, जहां बिना किसी मंजूरी या जानकारी के पैसे हटाए या छुपाए गए थे। इस गड़बड़ी की सच्चाई का पता लगाने के लिए जांच टीम अब तक 173 गवाहों के बयान भी दर्ज कर चुकी है।
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