राहुल गांधी ने जताया खेद, कोर्ट से कहा उनका बयान शिवराज सिंह के परिवार की मानहानि नहीं
राजनीतिक बयानों के फेर में फंसे कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने कानूनी पेचीदगियों से बचने के लिए मानहानि मामले में लिखित खेद जताकर विवाद को शांत करने का रास्ता चुना
नई दिल्ली: कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान के बेटे कार्तिकेय सिंह चौहान के बीच चल रहे मानहानि के मामले में मध्य प्रदेश हाईकोर्ट में एक बड़ा मोड़ आया है।
राहुल गांधी की तरफ से हाईकोर्ट में एक लिखित आवेदन प्रस्तुत कर अपने विवादित बयान पर सफाई देते हुए खेद व्यक्त किया गया है।
उनके वकील ने कोर्ट के सामने स्पष्ट किया कि वह बयान पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के परिवार के खिलाफ नहीं था, बल्कि इसे लेकर केवल एक गलतफहमी हुई थी।
राहुल गांधी की इस सफाई और लिखित आवेदन पर संज्ञान लेते हुए हाईकोर्ट ने शिकायतकर्ता कार्तिकेय चौहान से जवाब तलब किया है और उन्हें इस आवेदन पर अपनी लिखित प्रतिक्रिया देने को कहा है।
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इस मामले की गंभीरता को देखते हुए हाईकोर्ट कल ही इस पर अपना फैसला सुना सकता है। कानूनी मोर्चे पर राहुल गांधी के लिए कल का दिन बेहद अहम है, क्योंकि कल ही उन्हें इस मामले के सिलसिले में भोपाल की विशेष एमपी-एमएलए कोर्ट में व्यक्तिगत रूप से पेश होना है।
गौरतलब है कि राहुल गांधी ने साल 2018 में झाबुआ विधानसभा चुनाव प्रचार के दौरान एक भाषण में पनामा पेपर्स लीक का जिक्र करते हुए कार्तिकेय सिंह चौहान का नाम लिया था, जिसके बाद कार्तिकेय ने एमपी-एमएलए कोर्ट में मानहानि का मुकदमा दायर किया था।
इसी मामले में निचली अदालत ने राहुल गांधी को व्यक्तिगत रूप से उपस्थित रहने के लिए समन जारी किए थे।
एमपी-एमएलए कोर्ट से जारी इसी समन को राहुल गांधी ने मध्य प्रदेश हाईकोर्ट में चुनौती दी है और उन्होंने अपनी याचिका में कल होने वाली सुनवाई से व्यक्तिगत छूट देने की मांग भी की है।
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