सूरज नांबियार से अलग होने के बाद मौनी रॉय का दर्द: बोलीं— ‘माफ करना आसान, पर दर्द भूलना मुश्किल’
पति सूरज नांबियार से अलग होने के बाद मौनी रॉय से पहली बार माफी और आगे बढ़ने को लेकर बात की। मौनी रॉय का छलका दर्द, माफी और आध्यात्मिकता पर कही यह बड़ी बात जानिए एक्ट्रेस ने क्या कुछ कहा
मुंबई: बॉलीवुड की अभिनेता मोनी रॉय अपने पति सूरज नांबियार से अलग होने की घोषणा के कुछ दिनों बाद एक्ट्रेस मौनी रॉय ने माफी, भावनात्मक घावों और मुश्किल अनुभवों से उबरने में आध्यात्मिकता की भूमिका के बारे में खुलकर बात की है।
द फ्री प्रेस जर्नल के साथ एक विशेष बातचीत में मौनी ने बताया कि समय के साथ माफी को लेकर उनकी समझ कैसे बदली है। उन्होंने साझा किया कि कम उम्र में भी उनके लिए लोगों को माफ करना कभी मुश्किल काम नहीं था, बल्कि असली चुनौती तो उस माफी के बाद भी मन में रह जाने वाले दर्द को भूलना थी।
उन्होंने कहा कि जब वे बहुत छोटी थीं, तब भी बहुत आसानी से माफ कर देती थीं और आज भी ऐसा ही करती हैं, लेकिन पहले वे बातों को भूल नहीं पाती थीं। अब अपनी व्यक्तिगत और आध्यात्मिक यात्रा के जरिए उन्हें यह समझ आया है कि इंसान को बस दिल से माफ कर देना चाहिए, और उस दर्द को भुलाने में खुद भगवान आपकी मदद करते हैं।
मौनी ने माफी को एक ऐसी प्रक्रिया बताया जो तब बेहद आसान हो जाती है, जब आप दुख को हमेशा अपने साथ ढोते रहने वाली चीज मानना छोड़ देते हैं।
उनके अनुसार, नाराजगी को मन में बनाए रखने से अक्सर उसी व्यक्ति को ज्यादा तकलीफ होती है जो उसे छोड़ नहीं पाता, क्योंकि अगर आप इसे जाने नहीं देंगे, तो सबसे ज्यादा नुकसान आपका ही होगा।
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उन्होंने उस असंतुलन के बारे में भी बात की जो अक्सर किसी के दुख पहुंचाने के बाद पैदा होता है, जहां पीड़ित व्यक्ति उस कड़वे अनुभव को लंबे समय तक बार-बार याद करता रहता है, जबकि ठेस पहुंचाने वाला दूसरा व्यक्ति कब का आगे बढ़ चुका होता है और शायद इस बारे में सोच भी नहीं रहा होता।
एक्ट्रेस ने पिछले कुछ सालों में अपने भीतर आए इस बदलाव, शांति और स्पष्टता का पूरा श्रेय मेडिटेशन, मंत्र-जाप और आध्यात्मिकता को दिया, जिसने रिश्तों, निराशा और इमोशनल रिकवरी के प्रति उनके नजरिए को पूरी तरह बदल दिया है।
अपनी बात को आगे स्पष्ट करते हुए मौनी ने कहा कि किसी को माफ करने का मतलब उसके नुकसान पहुंचाने वाले व्यवहार को नजरअंदाज करना या उसके अस्तित्व को नकारना बिल्कुल नहीं है।
उन्होंने किसी इंसान को जज करने और उसकी नुकसानदेह आदतों को पहचानने के बीच का फर्क समझाते हुए कहा कि दुनिया में कुछ ऐसे लोग होते हैं जो आपको दुख पहुंचाने के लिए किसी भी हद तक जा सकते हैं, ऐसे में वे उस व्यक्ति को नहीं बल्कि उसकी बुरी आदतों को गलत मानती हैं।
इस निजी उतार-चढ़ाव के बीच मौनी एक्टिंग की दुनिया में भी लगातार सक्रिय हैं। वर्कफ्रंट की बात करें तो वे आखिरी बार प्रोजेक्ट ‘अब होगा हिसाब’ में शाहिर शेख, संजय कपूर और अविनाश मिश्रा के साथ अहम भूमिका में नजर आई हैं।
इससे पहले मौनी ने वरुण धवन, मृणाल ठाकुर और पूजा हेगड़े स्टारर फिल्म ‘है जवानी तो इश्क होना है’ में भी अपनी अदाकारी का जलवा बिखेरा था।
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