टाइगर श्रॉफ केस: बस छूटी तो अनिल पंडित ने एक्टिव किया प्लान-B

टाइगर श्रॉफ केस: बस छूटी तो अनिल पंडित ने एक्टिव किया प्लान-B

मुंबई: टाइगर श्रॉफ कार फायरिंग मामले की जांच में बड़ा खुलासा हुआ है कि हमले के बाद तीनों शूटर भारत छोड़कर नेपाल भागने की फिराक में थे। मुंबई क्राइम ब्रांच के मुताबिक, पुलिस को चकमा देने के लिए आरोपियों ने कई बार अपने रास्ते और गाड़ियां बदलीं।

उनका पहला प्लान सूरत से बस पकड़कर दिल्ली जाने और फिर वहां से नेपाल सीमा पार करने का था, लेकिन सूरत पहुंचने पर उनकी बस छूट गई। इसके बाद उन्होंने तुरंत अपनी योजना बदली और ट्रेन के जरिए राजस्थान होते हुए दिल्ली जाने का फैसला किया।

हालांकि, मुंबई क्राइम ब्रांच से मिले इनपुट के आधार पर राजस्थान पुलिस ने तीनों शूटरों को जयपुर पहुंचने से पहले ही कोटा रेलवे स्टेशन पर पुणे-जयपुर एक्सप्रेस से गिरफ्तार कर लिया।

जांच के मुताबिक, सूरत पहुंचने के बाद तीनों आरोपियों ने दिल्ली जाने वाली बस पकड़ने की कोशिश की, लेकिन बस निकल जाने के कारण उनकी योजना नाकाम हो गई।

इसके बाद कथित मास्टरमाइंड अनिल पंडित ने प्लान-B सक्रिय किया।आरोप है कि अनिल पंडित ने आरोपी अंकित खटक के जरिए VoIP कॉल पर तीनों शूटरों को आगे की रणनीति के बारे में निर्देश दिए। पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि भागने की योजना बनाने में किन लोगों की भूमिका थी और आरोपियों को निर्देश कहां से मिल रहे थे।

पुलिस जांच में सामने आया है कि तीनों आरोपीफूल सिंह, रेहान अंसारी और ऋतिक कुमार टैक्सी से सूरत रेलवे स्टेशन पहुंचे थे। वहां से उन्होंने रात करीब 1:30 से 1:33 बजे के बीच पुणे-जयपुर सुपरफास्ट एक्सप्रेस पकड़ी। स्टेशन के सीसीटीवी फुटेज में तीनों जनरल कोच में चढ़ने के लिए भागते हुए साफ दिखाई दिए। पुलिस ने तकनीकी जांच और सीसीटीवी की मदद से इनकी लोकेशन का पता लगाया।

इसके बाद मुंबई क्राइम ब्रांच ने यह जानकारी तुरंत राजस्थान पुलिस के साथ शेयर की। सूचना मिलते ही कोटा पुलिस ने रेलवे स्टेशन पर सतर्कता बढ़ा दी और ट्रेन के वहां पहुंचते ही तीनों आरोपियों को धर दबोचा।

पुलिस चेकिंग के डर से हथियार छिपाने का दावा

जांच से जुड़े इनपुट के मुताबिक, आरोपियों को डर था कि ट्रेन में पुलिस की तलाशी के दौरान उनके पास से हथियार बरामद हो सकते हैं। इसी आशंका के चलते उन्होंने फायरिंग में इस्तेमाल की गई दो बंदूकें और कारतूस सूरत बस स्टैंड के पास एक खुले स्थान पर छिपा दिए थे। हालांकि, आरोपियों के पास से कोटा में गिरफ्तारी के समय हथियार बरामद नहीं हुए थे। पुलिस हथियारों की बरामदगी, उन्हें आरोपियों तक पहुंचाने वाले लोगों और उनके पूरे नेटवर्क की जांच कर रही है।

पुलिस अधिकारी के अनुसार, जब तीनों आरोपियों को पकड़ा गया, तब उनके पास से 5,000 रुपये बरामद हुए। पुलिस को शक है कि इस पैसों का इस्तेमाल दिल्ली पहुँचने और फिर वहाँ से नेपाल भागने के लिए किया जाना था। अब जांच एजेंसियाँ इस बात का पता लगा रही हैं कि उनके भागने का खर्च किसने उठाया, उन्हें कितना पैसा देने का वादा किया गया था और इस साज़िश में कौन-कौन लोग शामिल थे।

मुंबई से सूरत तक ऐसे भागे आरोपी

मुंबई क्राइम ब्रांच की पड़ताल में आरोपियों के भागने के रास्ते का पता चला है। वारदात को अंजाम देने के बाद तीनों आरोपी मोटरसाइकिल से भागे और अंधेरी रेलवे स्टेशन पहुँचे। वहाँ से वे लोकल ट्रेन पकड़कर आगे गए और फिर टैक्सी लेकर सूरत पहुँचे। सूरत से उन्होंने पुणे-जयपुर एक्सप्रेस ट्रेन पकड़ी।

पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज, टैक्सी के सुरागों और अलग-अलग राज्यों की पुलिस की मदद से आरोपियों का पीछा किया। आखिर में मुंबई, गुजरात और राजस्थान पुलिस की साझा कार्रवाई से तीनों को कोटा में गिरफ्तार कर लिया गया।

टाइगर श्रॉफ केस में पुलिस अब अनिल पंडित नाम के शख्स की भूमिका और शूटरों के साथ उसके संपर्कों की गहन जांच कर रही है। शुरुआती पूछताछ में सामने आया है कि आरोपियों को इस वारदात के लिए बड़ी रकम देने और विदेश में सेटल कराने का लालच दिया गया था। पुलिस अब डिजिटल सबूतों, सीसीटीवी फुटेज और बरामद हथियारों की मदद से यह पता लगाने में जुटी है कि इस हमले की मुख्य साजिश किसने रची, हथियारों का इंतजाम कहाँ से हुआ और अभिनेता को निशाना बनाने के पीछे असली मकसद क्या था।


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Muskan Asif

मुस्कान आसिफ़ (ZH7TV) एक अनुभवी और रचनात्मक कंटेंट, डायनेमिक डिजिटल एडिटोरियल प्रोफेशनल पत्रकार हैं। जो बड़ी और असरदार खबरों का सटीक विश्लेषण करने में माहिर हैं। वे अपने नेटवर्क की पहुँच बढ़ाने के लिए बेहद आकर्षक वीडियो, टेक्स्ट और इंटरैक्टिव डिजिटल कंटेंट तैयार करती हैं।