राम मंदिर विवाद: इस्तीफे के बाद चंपत राय आक्रोशित नहीं, ट्रस्ट के साथ हैं कोषाध्यक्ष
श्रीरामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष स्वामी गोविंद देवगिरी ने चंपत राय से मुलाकात कर उनके स्वास्थ्य, राम मंदिर की व्यवस्थाओं और हालिया घटनाक्रमों पर चर्चा करते हुए उनके रुख को लेकर लग रही तमाम अटकलों पर विराम लगा दिया है
अयोध्या: श्रीरामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष स्वामी गोविंद देवगिरी ने अयोध्या से रवाना होने से पहले ट्रस्ट के पूर्व महासचिव चंपत राय से मुलाकात की, जिसके बाद उन्होंने बताया कि चंपत राय का स्वास्थ्य पूरी तरह ठीक है और उनके मन में किसी प्रकार का आक्रोश नहीं है। मुलाकात के दौरान चंपत राय के स्वास्थ्य, ट्रस्ट की कार्यप्रणाली, राम मंदिर की व्यवस्थाओं तथा हाल के घटनाक्रमों पर विस्तार से चर्चा हुई।
गोविंद देवगिरी ने स्पष्ट किया कि चंपत राय जीवनभर भारत माता की सेवा के लिए समर्पित रहे हैं और एक अनुशासित संगठन कार्यकर्ता के रूप में ट्रस्ट को और अधिक सुदृढ़ एवं पारदर्शी बनाने के लिए उठाए जा रहे नए कदमों के साथ पूरी मजबूती से खड़े हैं।
हालिया विवादों के बीच चंपत राय के रुख को लेकर चल रही तरह-तरह की अटकलों पर विराम लगाने के लिए गोविंद देवगिरी के इस बयान को बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
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दूसरी ओर, राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में कस्टडी रिमांड पर लिए गए तीनों आरोपियों—अनुकल्प मिश्रा, लवकुश मिश्रा और करुणेश पांडेय से पूछताछ में कई अहम खुलासे हुए हैं।
पुलिस के मुताबिक, आरोपियों ने चोरी की रकम को छिपाने के लिए एक शातिर तरीका अपनाया था, जिसके तहत वे चोरी का पैसा पहले अपने करीबियों और रिश्तेदारों के बैंक खातों में ट्रांसफर करते थे और फिर अलग-अलग ट्रांजैक्शन के जरिए उसे अपने खातों में वापस मंगाते थे, ताकि रकम का असली स्रोत छिपा रहे। बैंक खातों की जांच में भी इस पैटर्न की पुष्टि हुई है।
रिमांड के दौरान पुलिस तीनों आरोपियों को 14 कोसी परिक्रमा मार्ग स्थित उस बाग में भी लेकर गई, जहां चोरी की रकम का बंटवारा किया जाता था, और वहां ले जाकर आरोपियों के बयानों का सत्यापन कराने के साथ-साथ पहले गिरफ्तार आरोपी अविनाश शुक्ला के बयान से भी उसका मिलान किया गया।
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