राम मंदिर चढ़ावा चोरी: गहने गलाने की आशंका, बैंक कर्मियों सहित 8 रडार पर

राम मंदिर चढ़ावा चोरी: गहने गलाने की आशंका, बैंक कर्मियों सहित 8 रडार पर

राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले की जांच कर रही एसआईटी ने ट्रस्ट के गठन से अब तक के करीब पांच वर्षों के वित्तीय रिकॉर्ड, बैंक खातों और ऑडिट दस्तावेजों की गहन पड़ताल शुरू कर दी है

 

अयोध्या: राम मंदिर चढ़ावा चोरी प्रकरण की जांच कर रही विशेष जांच टीम (एसआईटी) को वित्तीय अनियमितताओं के साथ दान में मिले गहनों में भी गंभीर गड़बड़ियों के संकेत मिले हैं।

जांच में आशंका जताई जा रही है कि श्रद्धालुओं द्वारा दान किए गए गहनों को गलाकर उनका मूल स्वरूप बदला गया और बाद में उनमें हेरफेर की गई, हालांकि इसकी अंतिम पुष्टि विस्तृत जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी।

एसआईटी दो दिवसीय दूसरे चरण की जांच पूरी कर शुक्रवार रात लखनऊ लौट गई है। टीम ट्रस्ट के गठन से अब तक के करीब पांच वर्षों के वित्तीय रिकॉर्ड, बैंक खातों, लेनदेन और ऑडिट दस्तावेजों की गहन पड़ताल कर रही है और जांच के दौरान ट्रस्ट के सभी प्रमुख वित्तीय दस्तावेज अपने कब्जे में ले लिए गए हैं। शुरुआती जांच में ऑडिट और वित्तीय लेनदेन में कई खामियां सामने आई हैं।

अधिकारियों के अनुसार, दान की राशि में कथित हेरफेर गिनती के दौरान ही किए जाने की आशंका है, जिससे वास्तविक दान राशि और संभावित गबन का सटीक आकलन करना चुनौतीपूर्ण हो गया है।

श्रद्धालुओं ने लाखों-करोड़ों रुपये के जो कीमती गहने दान दिए हैं, उन्हें लेकर कई दानदाताओं ने सवाल भी उठाए हैं और ऑडिट में भी इसका कोई जिक्र नहीं है। एसआईटी इस पहलू की बेहद गंभीरता से जांच कर रही है।

सूत्रों के मुताबिक, गहनों से जुड़ा यह पूरा काम चंपत राय के कहने पर ‘टिन्नू’ नाम का व्यक्ति देखता था। अंदेशा है कि गहनों को गलाने के बाद उन्हें इधर से उधर किया जाता था।

एसआईटी को इस संबंध में कुछ सुबूत व गवाह तो मिले हैं, लेकिन बड़ी चुनौती इसे साबित करने की होगी और अगर यह आरोप सही साबित होते हैं, तो इसमें चंपत राय की जिम्मेदारी तय होना तय है। इस सिलसिले में एसआईटी ने ट्रस्ट से जुड़े तीनों चार्टर्ड अकाउंटेंट्स (सीए) से भी पूछताछ कर ऑडिट की पूरी प्रक्रिया को समझा है और उनके दस्तावेज कब्जे में लिए हैं।

पूछताछ के दौरान सीए एसआईटी के कई अहम सवालों के जवाब नहीं दे सके, जिसके चलते उन्हें दोबारा पूछताछ के लिए बुलाया जा सकता है। इसके अलावा अनिल मिश्रा व चंपत राय के करीबी चार से पांच अन्य लोगों को भी नोटिस देकर पूछताछ के लिए तलब किया गया है।

एसआईटी की तफ्तीश शुरू होने के बाद से मंदिर के लिए खरीदी गई जमीनों में भी गड़बड़ी के कई मामले सामने आए हैं।

एसआईटी ने इस संबंध में कई लोगों के बयान दर्ज कर दस्तावेज जब्त किए हैं, लेकिन जमीन की खरीद-फरोख्त की जड़ें बहुत गहरी होने के कारण एसआईटी इसकी विस्तृत जांच करने के बजाय अब तक मिले सुबूतों को सीधे शासन को सौंपेगी और बाकी ऑडिट संबंधी जांच की रिपोर्ट अलग से तैयार करेगी।

दूसरी ओर, पुलिस इस मामले में आठ आरोपियों को जेल भेजने के बाद आगे की कड़ियां जोड़ने में जुटी है। पुलिस ने आरोपियों के संपर्क में रहने वाले आठ और लोगों को चिह्नित किया है, जिनमें कुछ बैंक कर्मी और चढ़ावा गिनने वाले कर्मी शामिल हैं।

इन सभी का कनेक्शन मुख्य आरोपियों से मिला है और अंदेशा है कि ये भी चोरी के इस खेल में शामिल थे। पर्याप्त सुबूत जुटाने के बाद पुलिस इन्हें भी आरोपी बनाकर गिरफ्तार करेगी, वहीं जेल में बंद कुछ और आरोपियों को भी रिमांड पर लेकर पूछताछ की तैयारी चल रही है।


Discover more from

Subscribe to get the latest posts sent to your email.

Sanjana Kumari

संजना कुमारी: रियल-टाइम खबरों पर मजबूत पकड़ रखने वाली डिजिटल कंटेंट क्रिएटर और पत्रकार, जो सामाजिक-राजनीतिक, क्षेत्रीय और सांस्कृतिक घटनाक्रमों को डिजिटल दर्शकों के लिए सटीक व आकर्षक बनाती हैं