राम मंदिर चोरी: 30 बैंक खाते फ्रीज, रिश्तेदारों के जरिए ऐसे होती थी मनी लॉन्ड्रिंग

राम मंदिर चोरी: 30 बैंक खाते फ्रीज, रिश्तेदारों के जरिए ऐसे होती थी मनी लॉन्ड्रिंग

राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में रिमांड पर लिए गए तीनों आरोपियों ने पूछताछ में मनी लॉन्ड्रिंग और फर्जी रसीदों के जरिए रकम हड़पने के कई चौंकाने वाले खुलासे किए हैं

 

उत्तर प्रदेश: राम मंदिर चढ़ावा ट्रस्ट चोरी मामला: कस्टडी रिमांड पर आरोपियों का बड़ा खुलासा, करीबियों के खातों से करते थे मनी लॉन्ड्रिंग
अयोध्या।

चोरी के मामले में पुलिस कस्टडी रिमांड पर लिए गए तीन मुख्य आरोपियों ने पूछताछ में कई चौंकाने वाले खुलासे किए हैं।

आरोपी अनुकल्प मिश्रा, लवकुश मिश्रा और करुणेश पांडेय ने स्वीकार किया है कि वे चोरी की गई रकम का स्रोत (Source) छिपाने के लिए उसे अपने करीबियों और रिश्तेदारों के बैंक खातों में भेजते थे।

इसके बाद, शक से बचने के लिए उस रकम को वापस अपने खातों में ट्रांसफर करवा लेते थे। पुलिस को बैंक डिटेल्स की जांच में इस बात के पुख्ता सबूत भी मिले हैं।

ऐसे देते थे वारदात को अंजाम

अदालत की अनुमति के बाद बुधवार सुबह करीब 7 बजे जिला जेल से रिमांड पर लिए गए आरोपियों ने बताया कि वे लगभग हर रोज रकम पार करते थे।

इस पूरी साजिश में टिन्नू और गणना इंचार्ज सुभाष श्रीवास्तव भी शामिल थे, जिनकी मिलीभगत के कारण उन्हें चोरी करने में कोई दिक्कत नहीं होती थी।

आरोपियों ने बताया कि वे इस बात को लेकर पूरी तरह बेफिक्र थे कि वे कभी पकड़े नहीं जाएंगे। इसलिए वे एक बार में ज्यादा से ज्यादा रकम उड़ाने की कोशिश करते थे।

पूछताछ में यह भी सामने आया कि इन आरोपियों को ट्रस्ट के पदाधिकारियों की सिफारिश पर नौकरी मिली थी, जिसमें अनिल मिश्रा का नाम प्रमुखता से सामने आया है।

फर्जी रसीदों से भी की उगाही

पूछताछ के दौरान आरोपियों की निशानदेही पर दान राशि से जुड़ी पर्चियां बरामद हुई हैं। आरोपियों ने कबूला कि उन्होंने फर्जी रसीदें छपवा रखी थीं। जब लोग चंदा देने आते, तो उन्हें ये फर्जी रसीदें थमा दी जाती थीं और चंदे की पूरी रकम आरोपी अपनी जेब में रख लेते थे।

बाग में ले जाकर कराया गया सीन रिक्रिएशन

सूत्रों के अनुसार, कस्टडी रिमांड के दौरान पुलिस तीनों आरोपियों को 14 कोसी परिक्रमा मार्ग पर स्थित उसी बाग में लेकर गई, जहां चोरी की रकम का बंटवारा किया जाता था।

इस जगह की जानकारी पहले रिमांड पर लिए गए सह-आरोपी अविनाश शुक्ला ने दी थी। पुलिस ने मौके पर ले जाकर आरोपियों के बयानों का मिलान किया और पूरी घटना का सत्यापन (Verification) किया।

जांच के दायरे में आई आरोपी की कार

जांच टीम के रडार पर अब आरोपी अनुकल्प मिश्रा की वह कार भी आ गई है, जिसे उसने पिछले साल खरीदा था। पुलिस अब इस कार की खरीद में इस्तेमाल हुए पैसे के स्रोत, पेमेंट के तरीके और बैंक लेन-देन के दस्तावेजों की बारीकी से जांच कर रही है।

यदि यह साबित होता है कि कार चढ़वा चोरी के पैसों से खरीदी गई थी, तो पुलिस इसे केस की संपत्ति मानते हुए जब्त कर लेगी।

बरामदगी की उम्मीद: आरोपियों ने कबूला है कि चोरी की नकदी और जेवरात सुरक्षित छिपाकर रखे गए हैं। पुलिस सूत्रों का कहना है कि बृहस्पतिवार को इस मामले में भारी मात्रा में कैश और गहनों की बरामदगी हो सकती है, जिससे जांच को एक नई दिशा मिलेगी।


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Muskan Asif

मुस्कान आसिफ़ (ZH7TV) एक अनुभवी और रचनात्मक कंटेंट, डायनेमिक डिजिटल एडिटोरियल प्रोफेशनल पत्रकार हैं। जो बड़ी और असरदार खबरों का सटीक विश्लेषण करने में माहिर हैं। वे अपने नेटवर्क की पहुँच बढ़ाने के लिए बेहद आकर्षक वीडियो, टेक्स्ट और इंटरैक्टिव डिजिटल कंटेंट तैयार करती हैं।