राम मंदिर ट्रस्ट विवाद: चंपत राय के इस्तीफे पर छिड़ा सियासी घमासान
राम मंदिर ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष द्वारा चंपत राय के इस्तीफे को स्वैच्छिक बताने पर विपक्षी नेताओं ने पलटवार करते हुए कहा कि यह केवल पैसों की हेराफेरी का नहीं बल्कि लोगों की आस्था के साथ खिलवाड़ का मामला है
अयोध्या: श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष स्वामी गोविंददेव गिरि महाराज ने कहा, “चंपत राय ने अपनी मर्ज़ी से इस्तीफ़ा दिया… यह कहना सही नहीं होगा कि उन्हें बलि का बकरा बनाया गया। लेकिन उन्होंने लापरवाही बरती।
उन्हें खुद इसका एहसास हुआ और इसलिए उन्होंने अपनी मर्ज़ी से इस्तीफ़ा दिया। इस्तीफ़ा देने के लिए उन पर किसी ने दबाव नहीं डाला।”
उन्होंने आगे कहा, “मैं SIT की जांच से संतुष्ट हूं। मैं किसी पर कोई दबाव नहीं डाल रहा हूं। हम किसी भी तरह से जांच को प्रभावित करने की कोशिश नहीं कर रहे हैं और हम ऐसा क्यों करेंगे? यह अपराध भगवान राम के ख़िलाफ़ किया गया है। ऐसे बुरे इरादे वाले लोगों को सज़ा मिलनी चाहिए।”
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शिवसेना(UBT) नेत्री प्रियंका चतुर्वेदी ने श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष स्वामी गोविंददेव गिरि महाराज के बयान पर कहा कि सबसे आवश्यक है कि लोगों का भरोसा राम मंदिर के ट्रस्ट में फिर कायम हो जो सही मायने में तभी होगा जब ट्रस्ट को बर्खास्त करके उनकी जगह असली राम भक्तों को नियुक्त किया जाए, न कि उन्हें जो ‘RSS-VHP या भाजपा भक्त’ हैं।
प्रियंका चतुर्वेदी ने कहा “मैं स्वामी गोविंददेव गिरि महाराज का सम्मान करती हूं, ये भी सही है कि उनके नेतृत्व में काम होता तो शायद इस तरह की घटना नहीं घटती लेकिन ये कह देना कि यह केवल 3 करोड़ की हेराफेरी है, ठीक न हीं है। बात केवल राशि की नहीं है। छल-कपट से जो आहत पहुंची है, उसकी भरपाई कौन करेगा?… जब जांच का दायरा बढ़ता गया तब जाकर SIT का गठन हुआ। जो लोग इस्तीफा भी दे रहे हैं उनके पक्ष में एक मुहीम भी चलाई जा रही है…”
हिमाचल प्रदेश कांग्रेस प्रभारी रजनी पाटिल ने श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष स्वामी गोविंददेव गिरि महाराज के बयान पर कहा, “…सवाल पैसों का नहीं है। लोगों की भावनाओं के साथ खिलवाड़ हुआ है।
लोगों ने बहुत आस्था के साथ अपनी क्षमता के अनुसार दान दिया था… चोरी होना ही हमें मंजूर नहीं है क्योंकि ये हमारे लोगों के साथ खिलवाड़ है। सबसे बड़ी बात है कि VHP-RSS और भाजपा के लोग राम के नाम पर तीन दशक से ज्यादा समय से राजनीति करते आ रहे हैं… हम इस तरह से भगवान राम के नाम पर खिलवाड़ सहन नहीं करेंगे।”
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