पटना की घटना पर पीके ने सरकार से पूछा, “ये जंगल राज नहीं तो कौन सा राज”

पटना की घटना पर पीके ने सरकार से पूछा, “ये जंगल राज नहीं तो कौन सा राज”

पटना: जन सुराज के प्रमुख प्रशांत किशोर ने पटना में पूर्व वार्ड पार्षद अनिल यादव पर हुए जानलेवा हमले को लेकर बिहार की क़ानूनी-व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठाए है। गुरुवार को मीडिया से बातचीत में उन्होंने पुलिसिया कार्यवाई पर तंज कस्ते हुए कहा कि अपराध होने के बाद आप चाहे ‘हाफ एनकाउंटर’ करें ‘फूल एनकाउंटर’ करें या अपराधी को फांसी दे दें, उससे कोई फर्क नहीं पड़ता।

प्रशांत किशोर ने सरकार को घेरते हुए कहा कि असली पुलिसिंग तब मानी जाएगी जब अपराधी में ऐसा डर हो कि वे किसी वारदात को अंजाम देने की हिम्मत ही न कर सकें।

बिहार के पटना में एक पार्षद और स्थानीय नेता अनिल यादव पर हुए जानलेवा हमले के बाद राजनीतिक प्रतिक्रिया देते हुए जन सुराज के नेता और विधायक प्रशांत किशोर ने तीखा हमला बोला है।

जनप्रतिनिधि पर हमला: ‘जंगलराज’ पर उठे सवाल

और कहा कि एक चुने हुए प्रतिनिधि के घर और कार्यालय पर सरेआम मोटरसाइकिल से आए बदमाशों द्वारा चार गोलियां दागे जाने की यह घटना पूरे बिहार की कानून-व्यवस्था की पोल खोलती है, क्योंकि जो लोग ‘जंगल राज’ का भय दिखाकर सत्ता में आए हैं, उन्हें बताना चाहिए कि यदि वह दौर जंगल राज था तो आज की इस अराजक स्थिति को क्या कहा जाए।

इसके साथ ही, प्रशांत किशोर ने राज्य के गृह विभाग, पुलिस प्रशासन और सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि थानों और पुलिस तंत्र पर बालू व शराब माफियाओं का नियंत्रण है, जबकि आपसी राजनीतिक खींचतान के कारण सरकार राज्य में एक फुल-टाइम डीजीपी तक नियुक्त करने में असमर्थ है।

जन सुराज पार्टी के प्रशांत किशोर ने बिहार की कानून-व्यवस्था को लेकर राज्य की नीतीश-सम्राट सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने पटना में दिनदहाड़े पूर्व पार्षद अनिल यादव पर हुई अंधाधुंध गोलीबारी का हवाला देते हुए पुलिस की एनकाउंटर नीति पर तंज कसा।

उन्होंने कहा कि जब राजधानी में अपराधी सरेआम गोलियां चला रहे है तो जमुई जैसी जगहों पर पुलिस का ‘हाफ एनकाउंटर’ का दावा करना बेमानी साबित होता है क्योकि वारदात होने के बाद पुलिस अपराधियों को जेल भेजे या उनका एनकाउंटर करें उससे कानून का असली खौफ पैदा नहीं होता।


Discover more from

Subscribe to get the latest posts sent to your email.

Sanjana Kumari

संजना कुमारी: रियल-टाइम खबरों पर मजबूत पकड़ रखने वाली डिजिटल कंटेंट क्रिएटर और पत्रकार, जो सामाजिक-राजनीतिक, क्षेत्रीय और सांस्कृतिक घटनाक्रमों को डिजिटल दर्शकों के लिए सटीक व आकर्षक बनाती हैं