पंजाब कांग्रेस में फूट: चन्नी ने किया शक्ति प्रदर्शन, रंधावा ने की अमित शाह से मुलाकात
कांग्रेस हाईकमान के पंजाब में पार्टी नेतृत्व को न बदलने के फैसले के बाद कांग्रेसियों ने विद्रोह छेड़ा है। जिसकी अगुवाई सांसद एवं पूर्व सीएम चन्नी कर रहे हैं
नई दिल्ली: पंजाब कांग्रेस में विधानसभा चुनावों से ठीक पहले एक बार फिर बड़ी राजनीतिक फूट सामने आ गई है।
पार्टी हाईकमान द्वारा पंजाब नेतृत्व न बदलने के फैसले से नाराज होकर पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी ने 60 से अधिक नेताओं के साथ शक्ति प्रदर्शन किया और राहुल गांधी के फैसले को चुनौती दी।
हालांकि, चन्नी की इस बैठक से कांग्रेस के अधिकांश विधायकों और सांसदों ने दूरी बनाए रखी, जिसे हाईकमान के प्रति उनके समर्थन के रूप में देखा जा रहा है।
पंजाब कांग्रेस एससी विंग के अध्यक्ष कुलदीप वैद ने चन्नी के इस कदम को दुर्भाग्यपूर्ण प्रेशर पॉलिटिक्स बताया और कहा कि हाईकमान इस दबाव के आगे पीछे नहीं हटेगा।
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इसी बगावत के बीच, कांग्रेस सांसद और पूर्व डिप्टी सीएम सुखजिंदर सिंह रंधावा की नई दिल्ली में केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह से मुलाकात ने सियासी हलचल और अटकलें तेज कर दी हैं, हालांकि रंधावा ने इन अटकलों को खारिज किया है।
इस अंदरूनी कलह को भाजपा अपने लिए एक बड़े अवसर के रूप में देख रही है। भाजपा के प्रदेशाध्यक्ष केवल सिंह ढिल्लों (जो खुद पूर्व कांग्रेसी नेता हैं) ने कहा है कि भाजपा में सबका स्वागत है।
सूत्रों के मुताबिक, पंजाब में अपनी जड़ें मजबूत करने में जुटी भाजपा के संपर्क में कांग्रेस के कई असंतुष्ट नेता हैं, जो तरुण चुघ, रवनीत सिंह बिट्टू और सुनील जाखड़ जैसे नेताओं के माध्यम से पार्टी में शामिल हो सकते हैं।
यदि कांग्रेस हाईकमान अपने फैसले पर अड़ा रहता है, तो चन्नी गुट कोई बड़ा कदम उठा सकता है, जिससे आगामी चुनावों में कांग्रेस के सामने गहरा सियासी संकट खड़ा हो सकता है
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