ऋषिकेश: फर्जी पहचान और आधार के साथ गिरफ्तार हुआ बांग्लादेशी सनीउर रहमान
ऋषिकेश: उत्तराखंड की देवनगरी ऋषिकेश में बीते 18 अप्रैल को पुलिस ने पहचान छिपाकर रह रहे बांग्लादेशी नागरिक को गिरफ्तार किया था। आरोपी सनीउर रहमान अपने आपको सत्यनिष्ठ आर्य बता रहा था। उसने इस नाम से फर्जी आधार कार्ड भी बनवा रखा था। उसकी कहानी भी गाजियाबाद में पकड़े गए एक्स मुस्लिम सलीम वास्तिक जैसी ही है।
उत्तराखंड पुलिस अवैध रूप से छिप कर रहे लोगों की धड़पकड़ के लिए कई महीनों से ऑपरेशन प्रहार चला रही है। इसी के तहत एक संदिग्ध को रोककर उससे पूछताछ की गई। पुलिस को उसकी बातों में विरोधाभास नजर आया तो उसे थाने लाया गया। यहां कड़ाई से पूछताछ में आरोपी ने सारा सच उगल दिया। सनीउर रहमान उर्फ सत्यनिष्ठ साधु बांग्लादेश के फरीदपुर का रहने वाला है।
पुलिस जांच में पता चला कि सनीउर रहमान 2016 से देश में बगैर वैध वीजा के रह रहा था। उसने सत्यनिष्ठ आर्य नाम से गाजियाबाद के पते पर आधार कार्ड भी बनवा रखा है।
सनाउर रहमान पहले नास्तिक बना, फिर वर्ष 2018 में नाम बदलकर सत्यनिष्ठ आर्य बन गया। इसने भी सलीम वास्तिक की तरह मुस्लिम और ईसाई समाज के खिलाफ आपत्तिजनक बातें बोलनी शुरू कर दीं। वह कई बार हिंदू संगठनों के कार्यक्रमों में नजर आने लगा। इसके खिलाफ कई बार शिकायत हुई, लेकिन पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की।
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सनीउर रहमान लक्ष्मणझूला घूमने आया था। उसके कब्जे से बांग्लादेशी पासपोर्ट मिला जिसकी वैधता 2018 में खत्म हो चुकी थी। वह इससे पहले गाजियाबाद, पश्चिम बंगाल और अन्य जगहों पर भी रह चुका है। बीते क्रिसमस के दौरान एक चर्च में घुसकर पादरी के साथ अभद्रता का उसका वीडियो वायरल हुआ था।
सनीउर रहमान यूपीआई से चंदा मांगकर कमाई करता था। कई हिंदू संगठनों की तरफ से भी इसको सपोर्ट और चंदा दिया जाता था।
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