सितंबर की पहली तारीख से बदल गए जेब से जुड़े नियम, बढ़ेगा मासिक खर्च का बोझ

सितंबर की पहली तारीख से बदल गए जेब से जुड़े नियम, बढ़ेगा मासिक खर्च का बोझ

नई दिल्ली: 1 सितंबर 2026 से देश में पैसो और बैंकिंग से जुड़े कई बड़े बदलाव होने जा रहे है जो सीधे आपकी जेब पर असर डालेंगे। इस नए महीने से रसोई गैस के दाम, डिमेंट अकाउंट में नामिनेशन के नियम और लेट इनकम टैक्स रिटर्न दाखिल करने पर लगने वाली पेनाल्टी जैसी व्यवस्थाएं बदल जाएंगी। इसके आलावा क्रेडिट-डबल कार्ड के रिवॉड पॉइंट और जीएसटी के नियमो में भी बदलाव देखने को मिलेगा।

भारत से विदेश यात्रा करने वालों के लिए इमिग्रेशन काउंटर पर फिजिकल स्टैम्प की अनिवार्यता खत्म कर दी गई है, जिससे अब यात्री स्मार्टफोन पर ई-बोर्डिंग पास दिखाकर आसानी से यात्रा कर सकेंगे।

प्रमुख वित्तीय और प्रशासनिक बदलाव

इसके साथ ही, पेट्रोलियम मंत्रालय पीएनजी नेटवर्क के विस्तार के लिए नई प्रोत्साहन योजना शुरू कर रहा है, जबकि रसोई गैस सब्सिडी के लिए बायोमेट्रिक ई-केवाईसी अनिवार्य हो गई है।

तेल कंपनियों ने हर महीने की तरह दरों की समीक्षा करते हुए 19 किलो वाले कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर और विमानन टरबाइन ईंधन (एटीएफ) के दामों में बढ़ोतरी की है, हालांकि घरेलू सिलेंडर के दामों में कोई बदलाव नहीं हुआ है।

टैक्स चोरी रोकने के लिए जीएसटी पोर्टल पर बैंक खाता लिंक करना अनिवार्य कर दिया गया है और डीमैट व म्यूचुअल फंड फोलियो में नॉमिनी जोड़ना जरूरी कर दिया गया है।

एचडीएफसी बैंक और एक्सिस बैंक ने भी अपने कार्ड नियमों व शुल्कों में बदलाव किए हैं, जबकि चारा महंगा होने के कारण डेयरी एसोसिएशनों ने दूध के दाम बढ़ा दिए हैं। सिक्किम सरकार ने पर्यटन सेवाओं के लिए डिजिटल-फर्स्ट सिस्टम अपनाया है और तमिलनाडु की ‘टासमैक’ दुकानों में भी कागजी प्रक्रिया समाप्त कर डिजिटल व्यवस्था लागू कर दी गई है।

अंत में, आकलन वर्ष 2026-27 के लिए बिना ऑडिट वाले खातों का आईटीआर दाखिल करने की अंतिम तिथि 31 अगस्त बीत जाने के बाद, 1 सितंबर से लेट रिटर्न भरने वालों पर 1,000 रुपये से 5,000 रुपये तक का जुर्माना लागू हो गया है, जबकि इस बार 31 अगस्त तक रिकॉर्ड 7.8 करोड़ से अधिक आईटीआर दाखिल किए गए हैं।

आयकर विभाग ने अनुसार, 31 अगस्त, 2026 तक रिकॉर्ड 7.8 करोड़ से अधिक लोगो ने अपना इनकम टैक्स रिटर्न फाइल कर दिया है। विभाग ने बताया की कुल रिटर्न में से 5.9 करोड़ से ज्यादा ITR-1 और ITR-2 फॉर्म 31 जुलाई की आखिरी तारीख तक जमा किए जा चुके थे। बाकि बचे रिटर्न 31 अगस्त तक की बढ़ी मियाद के दौरान दाखिल किए गए है।


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Mehak B