उत्तर प्रदेश विधानसभा में हंगामे पर सतीश महाना भावुक
उत्तर प्रदेश विधानसभा के मानसून सत्र में भारी हंगामे और अमर्यादित आचरण से आहत होकर विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना भावुक हो गए और उन्होंने अपनी पद की योग्यता को लेकर आत्ममंथन करने की बात कही
उत्तर प्रदेश: विधानसभा के मानसून सत्र के दौरान सदन में चले भारी हंगामे और तीखी नोकझोंक के बीच विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना काफी आहत और भावुक नजर आए। सदन की कार्यवाही के दौरान उन्होंने अपने राजनीतिक जीवन और सदन की मर्यादा को लेकर गंभीर चिंता व्यक्त की।
सतीश महाना ने सदन में कहा कि वह अपने राजनीतिक जीवन के अंतिम दौर और अंतिम सत्र में हैं। उन्होंने पिछले साढ़े चार वर्षों से सदन की गरिमा को बनाए रखने के लिए किए गए अपने प्रयासों का जिक्र करते हुए कहा कि मंगलवार को सदन में जो कुछ हुआ (सपा विधायकों द्वारा ‘चंदा चोर गद्दी छोड़’ के नारे और हंगामा), उससे वह बेहद दुखी और निराश हैं।
उन्होंने यह भी संकेत दिए कि वह आत्ममंथन करेंगे कि क्या वह इस पद के योग्य हैं या नहीं। स्पीकर ने स्पष्ट किया कि लोकतंत्र में पक्ष और विपक्ष दोनों की अहम भूमिका है और बहस स्वाभाविक है, लेकिन सदन के अंदर जिस तरह से अमर्यादित भाषा, फोटो और वीडियो साझा करने जैसी घटनाएं हुईं, उसने सदन की परंपराओं को ठेस पहुंचाई है। इस दौरान सत्ता पक्ष और विपक्ष के कई वरिष्ठ नेताओं ने उन्हें समझाते हुए सदन की मर्यादा बनाए रखने की अपील की।
विपक्ष का आक्रामक रुख:
सदन के अंदर विपक्षी विधायकों के आक्रामक रुख और नारों के बीच स्पीकर सतीश महाना ने बेहद सख्त लहजे में कहा कि सदन की एक गरिमा होती है, जिसे बनाए रखना हर सदस्य की सामूहिक जिम्मेदारी है।
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उन्होंने इस बात पर गहरी नाराजगी जताई कि कुछ सदस्यों द्वारा सदन की कार्यवाही के दौरान अमर्यादित आचरण किया गया और तस्वीरें तथा वीडियो सोशल मीडिया पर साझा किए गए, जो सदन के नियमों और संसदीय परंपराओं के पूरी तरह खिलाफ हैं।
इस भावनात्मक माहौल के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और नेता प्रतिपक्ष समेत कई वरिष्ठ नेताओं ने अपनी सीटों पर खड़े होकर विधानसभा अध्यक्ष को ढांढस बंधाया।
उन्होंने कहा कि आसन की गरिमा सर्वोपरि है और सभी दलों को मिलकर सदन की मर्यादा को अक्षुण्ण बनाए रखना चाहिए।
नेताओं ने अध्यक्ष से आग्रह किया कि वे अपने इस कदम पर पुनर्विचार करें और सदन का संचालन जारी रखें। इस पूरे घटनाक्रम ने उत्तर प्रदेश की राजनीति में एक बार फिर पक्ष और विपक्ष के बीच चल रहे तनाव को उजागर कर दिया है।
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