शिवसेना के मुखपत्र सामना ने ममता बनर्जी पर हमले को बताया लोकतंत्र पर हमला

शिवसेना के मुखपत्र सामना ने ममता बनर्जी पर हमले को बताया लोकतंत्र पर हमला

पार्टी ने कहा की लोहे की छड़ो से लेंस भीड़ द्वारा ममता बेनर्जी के वाहन को घेरने एक विपक्षी आवाज को ख़त्म करने का प्रयास लगता है

नई दिल्ली:  शिवसेना (यूबीटी) ने अपने मुखपत्र ‘सामना’ के संपादकीय में दावा किया है कि पश्चिम बंगाल में ममता बनर्जी पर हुआ हमला केवल एक व्यक्तिगत राजनीतिक हस्ती पर प्रहार नहीं, बल्कि हमारे लोकतांत्रिक ताने-बाने पर सीधा हमला है।

पार्टी ने कहा कि पत्थरों, लाठियों और लोहे की छड़ों से लैस भीड़ द्वारा उनके वाहन को घेरना एक सशक्त विपक्षी आवाज को खत्म करने का प्रयास लगता है और उनका बच जाना मात्र संयोग है, जो राज्य में राजनीतिक हिंसा के चरम सीमा पर पहुंचने को दर्शाता है।

संपादकीय में सवाल उठाया गया है कि जब पहले केंद्र सरकार ने कानून व्यवस्था के पतन का हवाला दिया था, तो क्या अनियंत्रित शत्रुता और राज्य द्वारा स्वीकृत मनमानी का मौजूदा माहौल ही उनके लिए कानून व्यवस्था की परिभाषा है। पार्टी ने चुनावों के दौरान भारी मात्रा में केंद्रीय बलों की तैनाती का जिक्र करते हुए कहा कि आज जब लक्षित राजनीतिक हिंसा बढ़ रही है, तो वही तत्परता गायब है, जो एक चिंताजनक दोहरे मापदंड को उजागर करती है।

शिवसेना ने इस बात पर भी जोर दिया कि एक कार्यशील लोकतंत्र में चुनावी जीत-हार मतपेटी में तय होती है, और यदि विपक्ष को शासन का एक अनिवार्य स्तंभ मानने के बजाय शारीरिक रूप से समाप्त किए जाने वाले शत्रु के रूप में देखा जाएगा, तो लोकतंत्र जीवित नहीं रह सकता। संपादकीय में चेतावनी दी गई कि हिंसक तत्वों को बिना किसी दंड के सक्रिय रहने देना अराजकता को बढ़ावा देना है, जो अंततः देश की संस्थाओं को कमजोर कर देगा।


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Sanjana Kumari

संजना कुमारी: रियल-टाइम खबरों पर मजबूत पकड़ रखने वाली डिजिटल कंटेंट क्रिएटर और पत्रकार, जो सामाजिक-राजनीतिक, क्षेत्रीय और सांस्कृतिक घटनाक्रमों को डिजिटल दर्शकों के लिए सटीक व आकर्षक बनाती हैं