सुप्रीम कोर्ट ने खारिज की जनगणना में जातिगत गणना के खिलाफ याचिका

सुप्रीम कोर्ट ने खारिज की जनगणना में जातिगत गणना के खिलाफ याचिका

नई दिल्ली: सुप्रीम कोर्ट ने आगामी जनगणना में जाति आधारित गणना को शामिल न करने की मांग वाली याचिका को खारिज कर दिया है।

शीर्ष अदालत ने स्पष्ट किया कि यह सरकार का एक नीतिगत फैसला है और अदालत के पास इस मामले में हस्तक्षेप करने का कोई ठोस कारण नहीं है।

दायर याचिका में यह तर्क देते हुए रोक लगाने की मांग की गई थी कि जातिगत डेटा का “दुरुपयोग” हो सकता है।

हालांकि, न्यायालय ने इस दावे को अमान्य करते हुए याचिका को आगे बढ़ाने से इनकार कर दिया।

इस मामले की सुनवाई के दौरान मुख्य न्यायाधीश (CJI) सूर्यकांत ने एक बेहद अहम टिप्पणी की।

उन्होंने कहा कि सरकार के लिए यह जानना बेहद जरूरी है कि पिछड़ी जातियों में कितने लोग शामिल हैं, ताकि उनके सामाजिक और आर्थिक कल्याण के लिए सही तरीके से नीतियां और योजनाएं बनाई जा सकें।


Discover more from

Subscribe to get the latest posts sent to your email.

Raja Zaid

"राजा ज़ैद एक जाने-माने पत्रकार हैं। उन्हें देश के प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों के साथ राजनीति और सामायिक विषयो की कवरेज का 15 वर्षो से अधिक का अनुभव है।