सरकार की जांच नीति पर तेजस्वी का वार, पोस्ट के जरिए साधा निशाना
पटना: बिहार के जमुई में छात्रा के साथ हुई बदसलूकी के मामले पर राजनीतिक घमासान बहुत तेज हो गया है, जिसके तहत नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने सूबे के उपमुख्यमंत्री और गृह विभाग संभाल रहे सम्राट चौधरी पर तीखा हमला बोला है।
उन्होंने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट साझा करते हुए सरकार और पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर आरोप लगाए हैं। तेजस्वी यादव ने अपने पोस्ट में मुख्यमंत्री और बिहार पुलिस के आला अधिकारियों के बीच की बातचीत को एक मजाकिया संवाद के रूप में पेश किया है।
तेजस्वी यादव का दावा
तेजस्वी ने दावा किया कि इस संवेदनशील मामले में भी पुलिस अपराधियों को पकड़ने के बजाय सबसे पहले आरोपियों की जाति पूछ रही है।
उन्होंने आरोप लगाया कि इस पूरे मामले को भटकाने के लिए जानबूझकर ‘मुस्लिम और यादव’ एंगल ढूंढने की कोशिश की जा रही है, ताकि घटना को एक अलग राजनीतिक या सांप्रदायिक रंग दिया जा सके।
तेजस्वी यादव के सोशल मीडिया पोस्ट में मुख्यमंत्री और पुलिस के बीच बातचीत का एक काल्पनिक और व्यंग्यात्मक दृश्य पेश किया गया है। इस व्यंग्य में मुख्यमंत्री पुलिस अधिकारी से आरोपी के गमछे के रंग और उसकी जाति के बारे में पूछते हैं।
जब पुलिस बताती है कि आरोपी उनके अपने ही समर्थक हैं, तो मुख्यमंत्री नाराजगी जताते हुए मामले में जबरन ‘मुस्लिम-यादव’ एंगल तलाशने या किसी अन्य पुराने आरोपी को फंसाने का दबाव बनाते हैं।
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इस पूरी तीखी राजनीतिक चर्चा के दौरान चुनाव के माहौल, चुनावी गानों और अधिकारियों की भूमिका पर भी हल्के-फुल्के लेकिन बेहद कड़े अंदाज में तंज कसा गया है।
तेजस्वी यादव ने कानून-व्यवस्था पर उठाए गंभीर सवाल
बिहार के नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने राज्य की कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि पूरे प्रदेश में इस समय जंगलराज और अराजकता जैसी स्थिति बन चुकी है।
उन्होंने कहा कि बिहार में अब स्कूल, कॉलेज या घर कहीं भी छात्राएं और महिलाएं सुरक्षित नहीं रह गई हैं, क्योंकि अपराधी दिन-दहाड़े वारदातों को अंजाम दे रहे हैं।
तेजस्वी यादव ने सीधे प्रधानमंत्री पर निशाना साधते हुए कहा कि चुनाव के समय महिलाओं को नगद पैसे और बाद में दो लाख रुपये देने का वादा करने वाले पीएम आज इन गंभीर घटनाओं पर पूरी तरह ‘मौन’ साधे हुए हैं।
उन्होंने दावा किया कि मौजूदा एनडीए (NDA) सरकार के राज में महिलाओं, छात्रों, गरीबों और दलित समाज के लोगों पर अत्याचार बहुत तेजी से बढ़े हैं।
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