मस्जिद पर नहीं मुसलमानों के सीने पर चला बुलडोजर, AIMIM नेता ने सरकार की मंशा पर उठाए सवाल
महाराष्ट्र: उत्तर प्रदेश के सहारनपुर में मस्जिद गिराने की वजह से महाराष्ट्र की राजनीति में भी भारी हलचल शुरू हो गई है। समाजवादी पार्टी के विधायक अबू आजमी और एआईएमआईएम नेता वारिस पठान ने इस कार्रवाई को लेकर उत्तर प्रदेश सरकार पर तीखा हमला बोला और खरीखोटी सुनाई है।
अबू आजमी ने कहा कि आरएसएस मोहब्बत फैलाने का काम कर रही है। सहारनपुर में सौ साल पुरानी मस्जिद को सत्ता में बैठे लोगों ने रात में जाकर तोड़ दी। और मुस्लिम पक्ष को इस फैसले के खिलाफ हाईकोर्ट जाने का मौका भी नहीं दिया।
अबू आजमी ने कहा कि मैं समझता हूं कि जब ये देश आजाद नहीं था, उस वक्त यह मस्जिद बनी थी। इस तरह से या किसी इमारत को भी इस तरह से तोड़ना, मैं समझता हूं बिल्कुल गलत है।
उनको कोर्ट जाने का टाइम देना चाहिए था। यहां लगता है कि इस देश में जो है लोकशाही खत्म हो गई है और डिक्टेटरशिप शुरू हो चुकी है।
एआईएमआईएम नेता वारिस पठान ने भाजपा सरकार पर मस्जिद को एक साजिश के तहत गिराने का आरोप लगाया है।
उन्होंने कहा कि यह कार्रवाई सिर्फ मस्जिद पर नहीं, बल्कि हमारे दिलों पर बुलडोजर चलाने जैसी है, जिसे इतिहास में काले दिन के रूप में लिखा जाएगा।
पठान का दावा है कि प्रशासन ने सील करने का झांसा देकर बैरिकेड्स लगाए, लोगों को नजरबंद किया और मस्जिद ध्वस्त कर दी।
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प्रशासन के पास वक्त था, वह हाईकोर्ट जाने का समय दे सकता था, लेकिन ऐसा नहीं किया गया। उस दिन संविधान, लोकतंत्र और कानून की धज्जियां उड़ाई गईं।
इस कार्रवाई से हमारा दिल बहुत दुखी है और यह बुलडोजर हमारे सीने पर चला है। दस्तावेज बताते हैं कि कलेक्ट्रेट बनने से पहले 1911 में वहां मस्जिद बनी थी।
बीजेपी फैला रही नफरत
भाजपा के लोग नफरत फैला रही है और असल मुद्दों से ध्यान भटकाने के लिए मुसलमानों पर बुलडोजर चला रही है। याकूब खान नामक शख्स के पास जमीन और मस्जिद के वैध दस्तावेज हैं।
जब बाकी जगहों पर अवैध निर्माण आधी रात को नहीं तोड़े जाते तो इस वैध मस्जिद को क्यों तोड़ा गया
अब हाईकोर्ट इस गैर-कानूनी कार्रवाई पर फैसला करेगा। नफरत फैला रही है और असल मुद्दों से ध्यान भटकाने के लिए मुसलमानों पर बुलडोजर चला रही है। याकूब खान नामक शख्स के पास जमीन और मस्जिद के वैध दस्तावेज हैं।
जब बाकी जगहों पर अवैध निर्माण आधी रात को नहीं तोड़े जाते, तो इस वैध मस्जिद को क्यों तोड़ा गया? अब हाईकोर्ट इस गैर-कानूनी कार्रवाई पर फैसला करेगा।
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