जातिगत आरक्षण के विरोध में प्रदर्शन कर रहे लोगों को पुलिस ने जंतर मंतर से हटाया

जातिगत आरक्षण के विरोध में प्रदर्शन कर रहे लोगों को पुलिस ने जंतर मंतर से हटाया

दिल्ली: जंतर-मंतर पर कुछ लोग जाति के आधार पर मिलने वाले आरक्षण का विरोध कर रहे लोगों को दिल्ली पुलिस और रैपिड एक्शन फोर्स ने इन प्रदर्शन करने वाले लोगों को पकड़कर हिरासत में ले लिया है।

प्रदर्शन करने वाले लोगों का कहना है कि वे यूनिवर्सिटी ग्रांट कमीशन और SC-ST से जुड़े मुद्दों पर बात कर रहे थे और उनका दावा है कि वे बिल्कुल शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रख रहे थे।

अजीत भारती की 4 प्रमुख मांगें

न्यूज एजेंसी एएनआई की रिपोर्ट के अनुसार, शुक्रवार को देश के अलग-अलग हिस्सों से पहुंचे छात्र और लोग हाथों में बैनर-पोस्टर लेकर जंतर-मंतर पर इकट्ठा हुए थे और आरक्षण के खिलाफ नारेबाजी कर रहे थे। इस दौरान स्थिति को नियंत्रित करने के लिए सुरक्षा बलों ने प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लेना शुरू कर दिया।

घटनास्थल के वीडियो सामने आए हैं जिनमें प्रदर्शनकारी पुलिस की उस बस के ऊपर चढ़कर तिरंगा लहराते नजर आए, जिसके जरिए उन्हें हिरासत में ले जाया जा रहा था। इसके अलावा, भारी संख्या में मौजूद लोगों ने पुलिस की गाड़ियों को भी घेर लिया।

इस प्रदर्शन में बड़ी संख्या में महिलाएं भी शामिल थीं, जिन्हें पुलिस ने हिरासत में लिया है। छात्रों और प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि वे शांति से प्रदर्शन कर रहे थे, लेकिन पुलिस ने बल प्रयोग कर जंतर-मंतर को खाली कराना शुरू कर दिया।

प्रदर्शन के दौरान यूट्यूबर अजीत भारती ने न्यूज़ एजेंसी ANI से बातचीत करते हुए सरकार के सामने 4 प्रमुख मांगें रखीं। उनकी मांग है कि सरकार पिछले 80 सालों में आरक्षण से क्या-क्या फायदे या नुकसान हुए है, उस पर पूरी रिपोर्ट जारी करे, आरक्षण के अंदर भी एक अलग से कोटा की व्यवस्था लागू की जाए, उच्च शिक्षा संस्थानों में मेरिट से कोई समझौता न किया जाए, और EWS वर्ग के लोगों को छात्रवृत्ति व फीस में वास्तविक राहत दी जाए।


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Mehak B