अमेरिका-इजरायल-लेबनान समझौता: अब ईरान के फैसले पर टिकी शांति

अमेरिका-इजरायल-लेबनान समझौता: अब ईरान के फैसले पर टिकी शांति

अमेरिका, इजरायल और लेबनान के त्रिपक्षीय समझौते के बाद अब ईरान का परमाणु कार्यक्रम बंद होना ही शांति समझौते की राह में आखिरी बाधा रह गया है

 

अमेरिका: लेबनान, इजरायल और अमेरिका ने शुक्रवार को एक त्रिपक्षीय फ्रेमवर्क समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं, जिसका उद्देश्य मध्य पूर्व के इन दो देशों के बीच शांति बहाली का मार्ग प्रशस्त करना है।

अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने इस समझौते की घोषणा करते हुए कहा कि यह लेबनान की संप्रभु सरकार और इजरायल के बीच अमेरिका की मध्यस्थता का परिणाम है और यह स्थायी शांति व सुरक्षा के लिए एक मजबूत ढांचा तैयार करने की शुरुआत है।

वॉशिंगटन, डीसी में चार दिनों तक चली गहन वार्ता के बाद यह समझौता हुआ है। यह घटनाक्रम ऐसे समय में सामने आया है जब लेबनान में जारी संघर्ष के कारण अमेरिका और ईरान के बीच युद्धविराम की कोशिशें बाधित होने का जोखिम था।

उल्लेखनीय है कि 17 जून को अमेरिका और ईरान के बीच एक 14-सूत्रीय समझौता ज्ञापन (MOU) हुआ था, जिसमें लेबनान सहित सभी मोर्चों पर सैन्य अभियानों को तत्काल और स्थायी रूप से बंद करने की शर्त रखी गई थी।

वर्तमान स्थिति में इजरायल ने लेबनान के करीब पांचवें हिस्से पर कब्जा किया हुआ है। हालांकि, पिछले शुक्रवार से दोनों पक्षों के बीच युद्धविराम पर सहमति बनी थी, लेकिन इजरायली सैनिक दक्षिणी लेबनान में तैनात रहे और हमले पूरी तरह बंद नहीं हुए थे।

इजरायल का पूर्व में हिज्बुल्लाह के साथ किसी भी समझौते को लेकर सख्त रुख था, लेकिन इस नए त्रिपक्षीय फ्रेमवर्क समझौते से क्षेत्र में युद्ध रुकने की प्रबल संभावना है। अब इस शांति प्रक्रिया की सफलता मुख्य रूप से ईरान पर निर्भर है।

अमेरिका ईरान की अन्य मांगों पर पहले ही सहमत हो चुका है, और अब केवल ईरान द्वारा अपने परमाणु कार्यक्रम को पूरी तरह बंद करने पर सहमति मिलना ही शांति समझौते की राह में शेष रह गया है।


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Sanjana Kumari

संजना कुमारी: रियल-टाइम खबरों पर मजबूत पकड़ रखने वाली डिजिटल कंटेंट क्रिएटर और पत्रकार, जो सामाजिक-राजनीतिक, क्षेत्रीय और सांस्कृतिक घटनाक्रमों को डिजिटल दर्शकों के लिए सटीक व आकर्षक बनाती हैं