विजय थलापति ने तमिलनाडु विधानसभा में साबित किया बहुमत
चेन्नई। अभिनेता से नेता बने सी. जोसेफ विजय (थलापति विजय) ने बुधवार को तमिलनाडु विधानसभा में अपनी सरकार का पहला और सबसे महत्वपूर्ण शक्ति परीक्षण जीत लिया है।
तमिलगा वेट्री कझगम (TVK) के नेतृत्व वाली गठबंधन सरकार के पक्ष में कुल 144 विधायकों ने मतदान किया, जबकि विरोध में मात्र 22 वोट पड़े और 5 विधायक तटस्थ रहे।
इस जीत के साथ ही विजय ने राज्य की राजनीति में दशकों से चले आ रहे द्रमुक (DMK) और अन्नाद्रमुक (AIADMK) के प्रभुत्व को औपचारिक रूप से समाप्त कर दिया है और तमिलनाडु में पहली बार किसी गैर-द्रविड़ दल के नेतृत्व वाली गठबंधन सरकार की नींव मजबूत की है।
विधानसभा की कार्यवाही सुबह शुरू होते ही काफी हंगामेदार रही। विपक्ष के नेता उदयनिधि स्टालिन ने टीवीके सरकार की आलोचना करते हुए सदन से वॉकआउट कर दिया, जिसके बाद डीएमके के अन्य विधायक भी सदन से बाहर चले गए। विश्वास मत के दौरान कांग्रेस, वामपंथी दलों (CPI और CPM), विदुथलाई चिरुथैगल काची (VCK) और इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग (IUML) ने विजय सरकार का समर्थन किया।
सबसे चौंकाने वाला घटनाक्रम अन्नाद्रमुक खेमे में देखने को मिला, जहाँ पूर्व मंत्री एस.पी. वेलमणि के नेतृत्व में पार्टी के एक बागी गुट ने विजय के समर्थन में मतदान किया। वेलमणि ने सदन में कहा कि उनका यह कदम पूर्व मुख्यमंत्री जयललिता के ‘अम्मा शासन’ को पुनर्जीवित करने के लिए आवश्यक था।
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हाल ही में संपन्न हुए 2026 के विधानसभा चुनावों में विजय की पार्टी टीवीके 108 सीटों के साथ सबसे बड़े दल के रूप में उभरी थी, लेकिन बहुमत के आंकड़े (118) से कुछ दूर रह गई थी। इसके बाद कांग्रेस (5 सीटें), वीसीके और अन्य छोटे दलों के समर्थन से विजय ने सरकार बनाने का दावा पेश किया था। राज्यपाल आर.वी. अर्लेकर ने उन्हें 13 मई तक बहुमत साबित करने का निर्देश दिया था।
7 मई को चेन्नई के जवाहरलाल नेहरू इंडोर स्टेडियम में मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने के बाद विजय के लिए यह ‘फ्लोर टेस्ट’ उनकी राजनीतिक क्षमता की पहली बड़ी परीक्षा थी, जिसमें वह सफल रहे।
बहुमत साबित करने के बाद सदन को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री विजय ने इसे ‘सेवा का जनादेश’ बताया। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार में सभी विधायकों के विचारों का सम्मान किया जाएगा, चाहे वे किसी भी दल से हों।
उन्होंने स्पष्ट किया कि उनकी राजनीति नफरत की नहीं बल्कि विकास और जमीनी स्तर पर सेवा की होगी। विश्वास मत की प्रक्रिया पूरी होने के बाद विधानसभा की कार्यवाही अनिश्चित काल के लिए स्थगित कर दी गई। चेन्नई की सड़कों पर टीवीके समर्थकों ने ढोल-नगाड़ों और आतिशबाजी के साथ इस जीत का जश्न मनाया, जिसे वे तमिलनाडु की राजनीति के एक नए युग की शुरुआत मान रहे हैं।
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