वोटर लिस्ट विवाद: विपक्ष की याचिका पर 26 अक्टूबर को सुनवाई संभव
नई दिल्ली: वोटर लिस्ट विवाद पर सुप्रीम कोर्ट 26 अक्टूबर को सुनवाई कर सकता है। विपक्षी नेताओं की इस याचिका की तकनीकी कमियां दूर कर इसे आधिकारिक रिट पिटीशन नंबर दे दिया गया है। हालांकि, सुनवाई की पक्की तारीख कोर्ट की फाइनल कॉज लिस्ट से ही साफ होगी।
चुनाव आयोग के कामकाज और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) की वैधता को चुनौती देने के लिए विपक्षी नेताओं ने सुप्रीम कोर्ट का रुख किया है।
राहुल गांधी और 11 अन्य प्रमुख विपक्षी नेताओं द्वारा 12 अक्टूबर को दायर की गई याचिका में अब टी थिरुमावलवन और एसए किचलू के नाम भी जुड़ चुके हैं जिससे कुल याचिकाओं की संख्या 13 हो गई है।
मुख्य चुनाव आयुक्त पर एकतरफा फैसले का आरोप
याचिकाकर्ताओं ने मुख्य चुनाव आयुक्त पर आयोग की सामूहिक शक्तियों का एकतरफा इस्तेमाल करने का आरोप लगाते हुए चुनाव आयोग के फैसलों और मतदाता सूची में कथित गड़बड़ियों की निष्पक्ष जांच की मांग की है।
हालांकि शुरुआत में सुप्रीम कोर्ट की रजिस्ट्री ने दस्तावेजों, पहचान पत्रों और कोर्ट फीस से जुड़ी तकनीकी कमियां बताई थीं, जिन्हें दूर करने के बाद अब याचिका को औपचारिक रूप से दर्ज रिट पिटीशन नंबर जारी कर लिया गया है।
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इससे मामले की न्यायिक प्रक्रिया का रास्ता साफ हो गया है, और याचिका पर 26 अक्टूबर को सुनवाई होने की संभावना जताई जा रही है।
मतदाता सूची में पारदर्शिता की मांग
विपक्षी दलों का कहना है कि मतदाता सूची में नाम जोड़ने, हटाने और संशोधन की प्रक्रिया पारदर्शी होनी चाहिए।
उनका जोर इस बात पर है कि पात्र मतदाताओं के नाम सूची से हटने की आशंका और चुनाव आयोग के निर्णय लेने की प्रक्रिया से जुड़े सवालों की स्वतंत्र जांच हो। याचिका में इन मुद्दों पर न्यायिक हस्तक्षेप की मांग की गई है।
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