वोटर लिस्ट विवाद: कांग्रेस का बड़ा कदम, सीईसी का इस्तीफा और SIR को बंद करने की मांग
नई दिल्ली: कांग्रेस कार्यसमिति की बैठक में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर एक बड़ा प्रस्ताव पास किए गया है। बैठक में वरिष्ठ नेताओ ने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग की मिलीभगत से संघ और भाजपा पूरी चुनावी व्यवस्था पर कब्जा करने की कोशिश कर रहे हैं, जिससे देश का लोकतंत्र गंभीर खतरे में है।
पार्टी ने वोटर लिस्ट से हटाए गए 13.30 करोड़ मतदाताओं के नाम तुरंत वापस जोड़ने और विवादित विशेष गहन संशोधन प्रक्रिया पर तुरंत रोक लगाने की मांग उठाई है।
कांग्रेस कार्यसमिति के प्रस्ताव में कहा गया है कि हालिया खुलासों से राहुल गांधी की उन आशंकाओं की पुष्टि होती है, जिनमें उन्होंने ‘वोट चोरी’ और चुनावी प्रक्रिया को कमजोर किए जाने का आरोप लगाया था।
आयोग पर एकतरफा नियंत्रण का आरोप
पार्टी ने निर्वाचन आयोग को एक व्यक्ति के नियंत्रण वाली संस्था में तब्दील करने और दो निर्वाचन आयुक्तों द्वारा 14 आपत्तियां दर्ज किए जाने जैसे गंभीर मुद्दों को रेखांकित किया है।
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प्रस्ताव में देशव्यापी एसआईआर के तहत 13 करोड़ से अधिक लोगों के नाम मतदाता सूचियों से हटाए जाने पर गहरी चिंता जताई गई है, जिसे संविधान के अनुच्छेद 14 और 326 के खिलाफ बताया गया है। कांग्रेस ने स्पष्ट किया है कि खड़गे और राहुल गांधी के नेतृत्व में यह लड़ाई अब जनता के बीच पहुँच चुकी है और पारदर्शिता की एक राष्ट्रीय मांग बन गई है।
पार्टी ने विशेष गहन संशोधन प्रक्रिया की पारदर्शिता और उसकी वैधता पर गंभीर चिंता जताते हुए इसे तुरंत रोकने के। कांग्रेस का आरोप है कि इस चुनावी प्रक्रिया के कारण वोटर लिस्ट से लगभग 13.30 करोड़ मतदाताओं के नाम हटा दिए गए हैं, जिन्हें बिना किसी देरी के तुरंत सूची में वापस जोड़ा जाना चाहिए।
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