पश्चिमी उत्तर प्रदेश में कब होगी बारिश, क्या है IMD का अलर्ट

पश्चिमी उत्तर प्रदेश में कब होगी बारिश, क्या है IMD का अलर्ट

नई दिल्ली। पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जिलों में पिछले कुछ दिनों से उमस और भीषण गर्मी से परेशान लोगों के लिए राहत भरी खबर है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने वेस्ट यूपी के इलाकों में मॉनसून के दोबारा रफ्तार पकड़ने की उम्मीद जताई है।

मौसम विभाग के ताजा बुलेटिन के अनुसार, बंगाल की खाड़ी में बने एक नए डिप्रेशन (कम दबाव के क्षेत्र) और सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से पश्चिमी उत्तर प्रदेश में झमाझम बारिश का दौर शुरू होने वाला है।

आइए जानते हैं कि आपके जिले में बारिश कब होगी और मौसम विभाग ने क्या चेतावनी जारी की है। मौसम विभाग (IMD) द्वारा जारी किए गए पूर्वानुमान के अनुसार, पश्चिमी उत्तर प्रदेश में बारिश की गतिविधियां दो चरणों में देखने को मिलेंगी।

5 से 8 जुलाई (हल्की से मध्यम बारिश):

इस अवधि के दौरान वेस्ट यूपी के अधिकांश जिलों में छिटपुट या कहीं-कहीं हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की जाएगी। इस दौरान आसमान में बादल छाए रहेंगे और कुछ इलाकों में गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ेंगी, जिससे तापमान में थोड़ी गिरावट आएगी।

9 से 11 जुलाई (भारी बारिश का अलर्ट):

मौसम विभाग ने 9 जुलाई से 11 जुलाई के बीच पश्चिमी उत्तर प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में ‘व्यापक से बहुत व्यापक’ बारिश का येलो अलर्ट जारी किया है। इस दौरान कुछ जिलों में मूसलाधार बारिश होने की प्रबल संभावना है।

इन जिलों के लिए जारी हुआ अलर्ट:

मौसम विभाग ने जिन प्रमुख जिलों में तेज हवाओं (40 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार) और आकाशीय बिजली चमकने को लेकर अलर्ट जारी किया है।

मेरठ, गाजियाबाद, नोएडा (गौतम बुद्ध नगर), हापुड़ और बागपत।

सहारनपुर, मुजफ्फरनगर, शामली और बिजनौर।

अलीगढ़, मथुरा, आगरा, हाथरस और बुलंदशहर।

बरेली, मुरादाबाद, रामपुर, पीलीभीत और शाहजहांपुर।

IMD की चेतावनी:

“6 से 8 जुलाई के बीच पश्चिमी उत्तर प्रदेश में आकाशीय बिजली चमकने और मेघगर्जन की घटनाएं हो सकती हैं। ग्रामीण इलाकों में रहने वाले लोग मौसम खराब होने पर पेड़ों या बिजली के खंभों के नीचे शरण न लें।”

पूरे जुलाई महीने के लिए क्या है मौसम का मिजाज?

आईएमडी (IMD) ने जुलाई 2026 के लिए अपने मासिक पूर्वानुमान में बताया है कि इस साल देश के कई हिस्सों में बारिश सामान्य से थोड़ी कम रह सकती है। जून के महीने में देश भर में करीब 40 फीसदी बारिश की कमी दर्ज की गई थी, लेकिन जुलाई की शुरुआत के साथ ही मॉनसून ने उत्तर-पश्चिम भारत को पूरी तरह कवर कर लिया है।

उत्तर प्रदेश के संदर्भ में, पूर्वी यूपी की तुलना में पश्चिमी उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड से सटे इलाकों में जुलाई के दूसरे सप्ताह में सामान्य या सामान्य से अधिक बारिश होने की उम्मीद है। हालांकि, बारिश के साथ-साथ उमस भरी गर्मी (Humidity) भी लोगों को परेशान करती रहेगी क्योंकि दिन और रात दोनों का तापमान सामान्य से थोड़ा अधिक रहने का अनुमान है।

किसान भाइयों के लिए सलाह दी गई है कि वे 9 जुलाई से होने वाली भारी बारिश को ध्यान में रखकर ही अपनी फसलों में सिंचाई या कीटनाशकों के छिड़काव का प्रबंधन करें।


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Raja Zaid

"राजा ज़ैद एक जाने-माने पत्रकार हैं। उन्हें देश के प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों के साथ राजनीति और सामायिक विषयो की कवरेज का 15 वर्षो से अधिक का अनुभव है।