लोकसभा की कार्यवाही स्थगित, राज्यसभा में लोक परीक्षा संशोधन विधेयक पर चर्चा
संसद के मानसून सत्र के नौवें दिन विपक्ष के हंगामे के चलते लोकसभा की कार्यवाही दोपहर 2 बजे तक स्थगित कर दी गई, जबकि राज्यसभा में लोक परीक्षा संशोधन विधेयक पर चर्चा जारी है
नई दिल्ली: संसद के दोनों सदनों में विपक्षी दलों और सत्ता पक्ष के बीच तीखी नोकझोंक और हंगामा देखने को मिला, जिसके चलते लोकसभा की कार्यवाही को शुरुआती हंगामे के बाद दोपहर दो बजे तक के लिए स्थगित करना पड़ा।
इस दौरान संसद परिसर में मकर द्वार पर प्रियंका गांधी वाड्रा और अन्य कांग्रेस सांसदों ने 20 जुलाई को सीजेपी प्रदर्शनकारियों के खिलाफ हुई पुलिस कार्रवाई को लेकर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के खिलाफ प्रदर्शन किया। प्रियंका गांधी ने मीडिया से बातचीत में कहा कि गृह मंत्री को सदन में आकर सवालों के जवाब देने चाहिए।
विपक्ष के बयानों और तीखे हमलों के बीच कांग्रेस सांसद अमर सिंह ने कहा कि विपक्ष का काम सवाल पूछना है, लेकिन सरकार किसी भी सवाल का जवाब नहीं देना चाहती है, और पुलिस गृह मंत्री के अधीन आती है जिसे लेकर लगातार आवाज उठाई जा रही है।
वहीं, राज्यसभा सांसद कपिल सिब्बल ने गृह मंत्री पर निशाना साधते हुए कहा कि अगर पैलेट गन या गोलियों के इस्तेमाल की कार्रवाई हुई है, तो इसकी अनुमति के लिए किसी न किसी की सहमति जरूर रही होगी। उन्होंने आरोप लगाया कि गृह मंत्री की चुप्पी से साफ है कि यह सब उनकी सहमति से हुआ है, इसलिए उन्हें इसकी जिम्मेदारी लेनी चाहिए।
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माकपा सांसद जॉन ब्रिटास ने सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) संशोधन विधेयक, 2026 पर चर्चा करते हुए कहा कि परीक्षा व्यवस्था का पूरा ढांचा भ्रष्ट और पारदर्शिताविहीन है और सिर्फ कानून बना देने से समस्या हल नहीं होगी।
उन्होंने कहा कि अमित शाह या तो इस बर्बर कार्रवाई से अनजान थे या फिर इसमें शामिल थे, इसलिए उन्हें संसद आकर जवाब देना चाहिए। जेएमएम सांसद महुआ माजी ने भी कड़े कानूनों के साथ-साथ जवाबदेही और पारदर्शिता सुनिश्चित करने की वकालत की, ताकि निर्दोष लोग न फंसें।
तृणमूल कांग्रेस के सांसद कीर्ति आजाद ने नए विधेयक पर सवाल उठाते हुए कहा कि सरकार ने सजा और जुर्माने की राशि तो बढ़ा दी है, लेकिन इसकी क्या गारंटी है कि आगे पेपर लीक नहीं होंगे? उन्होंने राम मंदिर चढ़ावे और अन्य मामलों में भी सरकार और व्यवस्था पर तीखे आरोप लगाए, जिसके विरोध में समाजवादी पार्टी के सांसदों ने भी संसद परिसर में अलग से प्रदर्शन किया।
दूसरी ओर, सत्ता पक्ष ने विपक्ष के इन सभी आरोपों और हंगामे को सिरे से खारिज किया। भाजपा सांसद दामोदर अग्रवाल ने राहुल गांधी पर आरोप लगाया कि वह किसी भी मुद्दे को बेवजह बड़ा बनाकर जनता में असंतोष फैला रहे हैं और अपने निजी हित साध रहे हैं, जबकि सरकार सदन के अंदर हर चर्चा के लिए तैयार बैठी थी।
भाजपा सांसद राहुल सिन्हा ने कहा कि जिन कांग्रेस शासित राज्यों में पेपर लीक हुए, वहां उन्होंने कभी इस्तीफे की मांग नहीं की और देश के छात्रों को राहुल गांधी के बजाय प्रधानमंत्री पर पूरा भरोसा है, जिनकी एक अपील पर छात्रों ने प्रदर्शन स्थल खाली कर दिया था।
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