टाटा संस विवाद: चंद्रशेखरन की नियुक्ति पर नोएल टाटा की चुनौती, राहुल गांधी का तीखा हमला
नई दिल्ली: कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने टाटा समूह को लेकर एक बड़ा आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि टाटा जैसे प्रतिष्ठित बिजनेस ग्रुप को एक सोची-समझी साजिश के तहत बर्बाद किया जा रहा है।
राहुल गांधी का दावा है कि देश का कोई भी दूसरा बड़ा व्यापारी इस डर के कारण इस मुद्दे पर खुलकर बोलने की हिम्मत नहीं जुटा पा रहा है। उन्होंने भरोसा दिया कि इस पूरे मामले में न्याय जरूर पक्का किया जाएगा।
राहुल गांधी का यह बयान ऐसे समय में आया है जब टाटा समूह की मुख्य कंपनी टाटा संस के नेतृत्व को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। इस आंतरिक टकराओ के कारण टाटा ट्रस्ट्स के बड़े अधिकारियो के बीच मतभेद सामने आ गए हैं और अब यह पूरा मामला टाटा संस के निदेशक मंडल तक पहुंच गया है।
दरअसल, टाटा ट्रस्ट्स के चेयरमैन नोएल टाटा ने एन. चंद्रशेखरन को टाटा संस का चेयरमैन फिर से नियुक्त करने के प्रस्ताव को चुनौती दी है। यह प्रस्ताव 17 सितंबर को टाटा संस के बोर्ड की बैठक में पारित हुआ था। टाटा संस देश के सबसे बड़े कारोबारी समूहों में शामिल टाटा समूह की प्रमुख होल्डिंग कंपनी है।
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राहुल गांधी का बड़ा दावा
राहुल गांधी ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर पोस्ट कर कहा कि टाटा समूह को कथित तौर पर आपराधिक तरीके से बर्बाद किया जा रहा है और कोई कारोबारी नेता इस पर कुछ बोलने की हिम्मत नहीं कर रहा।
राहुल गांधी ने सवाल उठाया कि देश के कारोबारी कब तक चुप रहेंगे क्या वे तब बोलेंगे जब सब कुछ उनके हाथ से निकल जाएगा? उन्होंने साफ कहा कि भारतीय बिजनेस प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह का निजी खिलौना नहीं है।
राहुल ने कारोबारियों से कहा, ‘आपमें हिम्मत नहीं है, लेकिन हममें है और हम इस मामले में न्याय जरूर सुनिश्चित करेंगे।’ फिलहाल राहुल गांधी के इन गंभीर आरोपों पर केंद्र सरकार या टाटा समूह की तरफ से कोई तत्काल जवाब नहीं आया है, लेकिन इस बयान ने बिजनेस जगत में हलचल तेज कर दी है।
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