जयराम रमेश का आयोग पर तीखा वार, बोले- सुप्रीम कोर्ट में पेश किया कपटपूर्ण जवाब

जयराम रमेश का आयोग पर तीखा वार, बोले- सुप्रीम कोर्ट में पेश किया कपटपूर्ण जवाब

नई दिल्ली: कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने चुनाव आयोग पर निशाना साधते हुए कहा है कि वोटर लिस्ट की जाँच के मामले में आयोग ने केवल शब्दों का खेल खेला है और सभी फैसले बिना किसी सहमति के अकेले ही ले लिए।

उन्होंने आरोप लगाया कि आयोग ने सुप्रीम कोर्ट में भ्रामक दावे किए, जहां पहले फॉर्म-06 के नियमो को अदालत द्वारा सही ठहराने की बात कही गई थी, लेकिन बाद में खुद सुप्रीम कोर्ट ने इस दावे को पूरी तरह ख़ारिज कर दिया।

नियमों के उल्लंघन का दावा

उन्होंने कहा कि आयोग नए डिक्लेरेशन फॉर्म और फॉर्म 6 को लेकर लगातार अपने बयान बदल रहा है, जिससे रजिस्ट्रेशन ऑफ इलेक्टोरल रूल्स, 1960 का खुला उल्लंघन हो रहा है। रमेश ने आरोप लगाया कि सीईसी ने एसआईआर से जुड़े फैसले एकतरफा लिए और अन्य दोनों चुनाव आयुक्तों की आपत्तियों तथा आधिकारिक रिकॉर्ड को नजरअंदाज कर दिया गया।

उन्होंने ‘ईसीआईनेट’ और आईटी प्रभाग के जरिए मतदाता सूचियों पर नियंत्रण के केंद्रीकरण, ईआरओ के अधिकारों को दरकिनार करने और गोवा, पश्चिम बंगाल, उत्तर प्रदेश तथा उत्तराखंड जैसे राज्यों में मतदाताओं के नाम हटाने के लिए फॉर्म-7 के बड़े पैमाने पर दुरुपयोग पर भी सवाल उठाए।

रमेश के अनुसार, आयोग के हलफनामे में मीडिया में आए खुलासों से इनकार न करना इन सभी अनियमितताओं और कानूनी उल्लंघनों की स्पष्ट पुष्टि करता है।

कांग्रेस नेता ने तंज कसते हुए कहा कि लगातार झूठ बोलने वाले लोग अंतत: खुद अपने ही बनाए जाल में फंस जाते है और सच कभी न कभी बाहर आ ही जाता है। इससे ठीक पहले चुनाव आयोग ने अदालत में अपना पक्ष रखते हुए वोटर लिस्ट की विशेष जांच प्रक्रिया और मुख्य चुनाव आयुक्त का बचाव किया था।

आयोग ने स्पष्ट किया कि यह पूरी कार्यवाई पूरी तरह क़ानूनी नियमो के दायरे में की गई है और इस पर आयोग के तीनो सदस्यों ने मिलकर एक राय से अपनी मंजूरी दी थी।


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Sanjana Kumari

संजना कुमारी: रियल-टाइम खबरों पर मजबूत पकड़ रखने वाली डिजिटल कंटेंट क्रिएटर और पत्रकार, जो सामाजिक-राजनीतिक, क्षेत्रीय और सांस्कृतिक घटनाक्रमों को डिजिटल दर्शकों के लिए सटीक व आकर्षक बनाती हैं