पेट्रोल-डीजल को GST के दायरे में क्यों नहीं लाती सरकार- कांग्रेस

पेट्रोल-डीजल को GST के दायरे में क्यों नहीं लाती सरकार- कांग्रेस

नई दिल्ली: कांग्रेस ने देश में पेट्रोल, डीजल और गैस की बढ़ती कीमतों को लेकर केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला है।

कांग्रेस प्रवक्ता आलोक शर्मा ने पेट्रोलियम उत्पादों को तत्काल प्रभाव से जीएसटी (GST) के दायरे में लाने की मांग करते हुए कहा कि ऐसा करने से आम उपभोक्ताओं को बढ़ी हुई कीमतों से बड़ी राहत मिलेगी।

उन्होंने सरकार पर आरोप लगाया कि चुनाव खत्म होते ही दाम बढ़ाकर जनता की जेब पर भारी बोझ डाल दिया गया है।

आलोक शर्मा ने बीजेपी के उस तर्क को भी खारिज किया जिसमें कांग्रेस शासित राज्यों की सहमति की बात कही जाती है। उन्होंने पलटवार करते हुए कहा कि जब पेंसिल, कॉपी और दही पर जीएसटी लगाया गया था, तब कांग्रेस शासित राज्यों से नहीं पूछा गया था।

यह बीजेपी का दोहरा चरित्र है

केंद्र और बीजेपी शासित राज्यों को मिलाकर उनके पास जीएसटी काउंसिल में बहुमत है, इसलिए यह बीजेपी का दोहरा चरित्र है।

इस मूल्यवृद्धि के विरोध में देश के विभिन्न हिस्सों में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने सड़कों पर उतरकर प्रदर्शन किया। दिल्ली में शनिवार को कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने पेट्रोल, डीजल और दूध की बढ़ती कीमतों के खिलाफ अनोखा विरोध प्रदर्शन किया, जहां पार्टी नेता बैलगाड़ियों पर बैठकर पहुंचे।

वहीं, उत्तर प्रदेश के अयोध्या में भी जिला एवं महानगर कांग्रेस कमेटी के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने कमला नेहरू भवन पर एकत्र होकर केंद्र और प्रदेश सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।

इस प्रदर्शन का नेतृत्व जिला अध्यक्ष चेतनारायण सिंह और महानगर अध्यक्ष सुनील कृष्ण गौतम ने किया।

इस दौरान जिला कांग्रेस प्रवक्ता शीतला पाठक सहित अन्य नेताओं ने कहा कि पेट्रोल-डीजल और गैस के दाम बढ़ने से रोजमर्रा की जरूरी चीजों के मूल्य भी बढ़ रहे हैं, जिससे गरीब और मध्यम वर्ग पर भारी आर्थिक बोझ पड़ रहा है, लेकिन बीजेपी सरकार जनता की इन समस्याओं की पूरी तरह अनदेखी कर रही है।


Discover more from

Subscribe to get the latest posts sent to your email.

Raja Zaid

"राजा ज़ैद एक जाने-माने पत्रकार हैं। उन्हें देश के प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों के साथ राजनीति और सामायिक विषयो की कवरेज का 15 वर्षो से अधिक का अनुभव है।