2018 मानहानि केस: ध्रुव राठी की मुश्किलें बढ़ीं, 31 अक्टूबर को अगली सुनवाई
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नई दिल्ली: दिल्ली की साकेत कोर्ट ने यूट्यूबर ध्रुव राठी के खिलाफ 2018 के एक पुराने मानहानि मामले में जमानती वारंट जारी किया है। यह कार्रवाई विकास सांक्रित्यायन की शिकायत पर हुई है, जिन्होंने आरोप लगाया था कि राठी ने अपने ‘भाजपा आईटी सेल पार्ट-2’ वीडियो में उन पर झूठे आरोप लगाकर उनकी छवि खराब की थी।
मामले की सुनवाई कर रहे न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी राहुल जैन को जब यह बताया गया कि राठी को भेजा गया नोटिस उनके बंद परिसर के कारण तामील नहीं हो सका, तो उन्होंने जमानती वारंट जारी करने का आदेश दिया।
इससे पहले अदालत ने शिकायतकर्ता की उस याचिका पर सुनवाई की तारीख को 20 नवंबर से पहले करते हुए नए सिरे से समन जारी किया था, जिसमें कहा गया था कि आमतौर पर विदेश में रहने वाले ध्रुव राठी इस समय सीजेपी के प्रदर्शन के सिलसिले में भारत में मौजूद हैं, इसलिए उन्हें जल्द समन भेजा जाना चाहिए।
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शिकायतकर्ता के अनुसार, ध्रुव राठी के ज्यादातर समय विदेश में रहने और उनका घर बंद होने की वजह से पिछले कई सालों से उन तक अदालती समन नहीं पहुंच पा रहा था।
हालांकि, याचिकाकर्ता ने कोर्ट को हरियाणा में राठी के एक और आवास की जानकारी होने की बात भी बताई है। समन तामील न होने की इसी समस्या को देखते हुए साकेत कोर्ट ने अब यह सख्त कदम उठाया है। इस पूरे मामले पर अदालत में अगली सुनवाई 31 अक्तूबर को की जाएगी।
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