पीएम मोदी की बड़ी बैठक पर जयराम रमेश का तीखा सियासी तंज
नई दिल्ली: कांग्रेस ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा अगले हफ्ते बुलाई गई केंद्रीय मंत्रिपरिषद की ‘चिंतन बैठक’ पर तीखा तंज कसा है। कांग्रेस पार्टी महासचिव जयराम रमेश ने गुरुवार को निशाना साधते हुए कहा कि यह वास्तव में एक ‘चिंता बैठक’ है।
उन्होंने दावा किया कि यह बैठक इसलिए करना पड़ रहा है। उन्होंने दावा किया कि प्रधानमंत्री को अब चौतरफा तीखे सवालों और भारी आलोचनाओं का सामना करना पड़ रहा है, जिससे घबराकर सरकार को यह बैठक बुलानी पड़ी है।
प्रशासनिक सुधारों पर विशेष ध्यान रहेगा
प्रधानमंत्री मोदी शासन और नीति-निर्माण से जुड़े प्रमुख पहलुओं पर चर्चा करने और सुधारों पर विशेष ध्यान के लिए अगले सप्ताह केंद्रीय मंत्रिमंडल के साथ दो दिवसीय ‘चिंतन बैठक’ की अध्यक्षता करेंगे।
कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट शेयर कर सरकार पर हमला बोला है। उन्होंने लिखा कि प्रधानमंत्री द्वारा 23 और 24 सितंबर को बुलाई गई केंद्रीय मंत्रियों की ‘चिंतन बैठक’ असल में एक ‘चिंता बैठक’ है।
जयराम रमेश के मुताबिक, प्रधानमंत्री चारों तरफ से हो रही तीखी आलोचनाओं और जायज सवालों से घिर चुके हैं, जिसका ऐसा स्तर पहले कभी नहीं देखा गया।
इसे भी पढ़ें: संजय सिंह का बड़ा बयान: “ED-CBI के डर से ‘ED पार्टी’ में जाने वाले शिवसैनिक नहीं”
इसके साथ ही, कांग्रेस नेता ने संसद के मानसून सत्र का अब तक सत्रावसान ऑफिशियल क्लोजर न होने पर भी सवाल उठाए हैं। उन्होंने हैरानी जताते हुए कहा कि रिकॉर्ड 35 दिन बीत जाने के बाद भी सरकार ने इस सत्र को आधिकारिक रूप से समाप्त नहीं किया है।
विपक्ष की एकजुटता का बदला लेगी सरकार
जयराम रमेश ने दावा किया कि गृह मंत्री अमित शाह लोकसभा में दो-तिहाई बहुमत हासिल करने की कोशिश में लगे हैं। उन्होंने कहा कि अमित शाह उस बहुमत को पाने का प्रयास इसलिए कर रहे हैं, ताकि 17 अप्रैल, 2026 को लोकसभा में विपक्ष की एकजुटता के कारण मोदी सरकार को जो घोर बेइज्जती झेलनी पड़ी थी, उसका बदला लिया जा सके।
रमेश के मुताबिक, उस दिन विपक्ष की एकता ने सरकार के खतरनाक विधेयकों कानूनों को पास होने से रोक दिया था और हमारे लोकतंत्र को बचा लिया था।
कांग्रेस महासचिव ने भरोसा जताते हुए कहा कि विपक्षी दलों को आपस में बांटने और उन्हें डराने-धमकाने की सरकार की तमाम कोशिशों के बावजूद, विपक्ष की यह एकजुटता हर हाल में बरकरार रहेगी।
Discover more from
Subscribe to get the latest posts sent to your email.
